प्रो. आलोक राय ने बताया कि प्रवेश में पारदर्शिता लाने के लिए नए सत्र में स्नातकोत्तर और पीएचडी के प्रवेश विभागीय स्तर पर होंगे। इसके अलावा दीक्षांत समारोह में दिए जाने वाल प्रायोजित पदक और डिग्री वितरण भी विभाग स्तर पर दिए जाएंगे। इनकी संख्या 100 से ज्यादा है। विभाग स्तर पर पूर्व छात्र सेल को भी मजबूती दी जाएगी।
एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी
कुलपति प्रो. राय ने इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा द्वारा विधायक निधी से लविवि को दी गई एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने बताया कि पुरानी एंबुलेंस का न्यू कैंपस में उपयोग होगा।
जारी की अपनी वार्षिक रिपोर्ट
प्रो. राय ने इस अवसर पर अपनी एक वर्ष की वार्षिक रिपोर्ट जारी की। उन्होंने कहा कि निर्णय लेने के लिए संवाद होना चाहिए। इसके तीन महत्वपूर्ण घटक ट्रस्ट, इंट्रेस्ट व एंपावर होते हैं। इनका मैंने प्रयोग किया। एक साल में छह कार्य परिषद की बैठक की। लविवि की वेबसाइट पर अब तक 2.5 करोड़ हिट्स मिले हैं। विद्यार्थियों से संवाद के लिए संचार के सभी संभावित तरीकों का प्रयोग किया।
नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार लविवि देश में पहले स्थान पर है। क्रेडिट ट्रांसफर स्कीम और पीएचडी अध्यादेश को प्रभावी बनाया है। छात्र केंद्रित कार्यक्रमों को शुरू किया। प्लेसमेंट सेल को दोबारा सक्रिय किया। लॉकडाउन के दौरान सैनिटाइजर व काढ़ा बनाया गया। छात्र केंद्रित इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म स्लेट, सिम्स शुरू हुए। विवि ने स्वयं का भर्ती पोर्टल शुरू करके भर्ती का पारदर्शी तरीका अपनाया है।