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Lucknow News: नया सर्किल रेट लागू, दस वर्ष के बाद हुआ बदलाव

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लखनऊ शहर।  - फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ। राजधानी में जमीन, मकान या दुकान खरीदना अब और महंगा हो जाएगा। शुक्रवार से नया सर्किल रेट लागू कर दिया गया है। राजधानी में 10 वर्ष के बाद सर्किल रेट में बदलाव हुआ है।
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नए रेट में कृषि भूमि पर 15, व्यावसायिक पर 25 और बहुमंजिला भवनों पर 20% तक की बढ़ोतरी की गई है। कार्यालय, गोदाम और दुकान पर औसतन 20% की वृद्धि की गई है। अफसरों ने बताया कि दस साल पहले जो सर्किल रेट में बदलाव किया गया था उसमें कुछ ऐसे स्थान थे जहां दुकान, कार्यालय व गोदाम के सर्किल रेट में विसंगति थी। ऐसे स्थानों पर रेट 40 फीसदी तक बढ़ाया गया है जिससे विसंगति दूर हो सके।

एक जुलाई को प्रशासन ने प्रस्तावित सर्किल रेट जारी कर आपत्तियां मांगी थीं। 49 आपत्तियां आईं जिनका डीएम व एडीएम वित्त एवं राजस्व ने सुनवाई कर निस्तारण किया। प्रस्तावित रेट में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया। लगभग प्रस्तावित रेट पर ही मुहर लगी। सुनवाई के बाद मोहनलालगंज और सरोजनीनगर के कुछ गांवों में जमीन के भाव में एकरूपता लाई गई है।
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इस बार जारी किए गए सर्किल रेट में अहम बदलाव किया गया है। यदि किसी अकृषक भूखंड के आसपास व्यावसायिक भवन या भूखंड है तो उसको 20 फीसदी अधिक मूल्य देना होगा। यदि कोई इसे बेचेगा तो भूमि का मूल्यांकन निर्धारित अकृषक दर से 50 फीसदी बढ़ाकर किया जाएगा।

प्रशासन ने 67 सड़कों के आसापस के इलाके का सर्किल रेट जारी किया है। इसमें गोमतीनगर के विराजखंड और विभूतिखंड की दो सड़कों का सर्किल रेट 77 हजार तय किया है। इसमें विराजखंड रोड फ्लाईओवर के नीचे से विभूतिखंड के मंत्री आवास होते हुए वन अवध मॉल होते हुए बैंक ऑफ इंडिया लोहिया पथ तक और विभूतिखंड पुलिस चौकी से हयात होटल होते हुए पिकअप भवन चौराहे तक के मार्ग के दोनों तरफ पड़ने वाले गांव, मोहल्ले शामिल हैं।

दान विलेख जिसमें अचल संपत्ति परिवार के सदस्यों जैसे बेटा-बेटी, बहू, पिता-माता, पति-पत्नी, सगा भाई या उसके न होने पर उसकी पत्नी, सगी बहन, दामाद के लिए छूट है। इसमें अधिकतम स्टांप शुल्क पांच हजार रुपये लगेगा।

एडीएम एफआर राकेश कुमार सिंह ने बताया कि दो क्यूआर कोड तैयार किए गए हैं। एक कोड के जरिये स्टांप एवं निबंधन विभाग का विवरण, अफसरों के फोन नंबर, स्टांप के बारे में, अधिनियम समेत अन्य जानकारी जनता ले सकेगी। इसी क्यूआर से पता चल जाएगा कि रजिस्ट्री कैसे कराएं और क्या लाभ मिल सकता है। दूसरा कोड स्कैन करने पर दफ्तर का पता व मैप शो करता है। ये लोगों की सहूलियत के लिए है।
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