समाजवादी पार्टी ने सहारनपुर संसदीय सीट पर कद्दावर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री काजी रशीद मसूद के पुत्र शादान मसूद पर दांव लगाया है।
सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने शनिवार को इमरान मसूद की जगह शादान को पार्टी प्रत्याशी बनाने की घोषणा की।
सपा ने सहारनपुर सीट पर सबसे पहले फिरोज आफताब को प्रत्याशी बनाया था। 25 सितंबर को उनकी जगह पूर्व विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रशीद मसूद के भतीजे इमरान मसूद को प्रत्याशी बना दिया गया था।
इमरान रशीद मसूद से बगावत करके सपा में शामिल हुए थे। हालांकि आफताब और सपा का एक खेमा लगातार उनके टिकट का विरोध कर रहा था लेकिन इमरान तभी से चुनावी तैयारियों में जुटे थे।
इमरान के सपा में जाने से काजी परिवार में फूट पड़ गई है। काजी परिवार की विरासत को लेकर बेटे शादान और भतीजे इमरान के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप तक हुए।
एमबीबीएस घोटाले में जेल से बाहर आने पर रशीद मसूद ने भी इमरान पर निशाना साधा था। उन पर धोखा देने तक का आरोप लगाया।
सहारनपुर से पांच बार सांसद रहे रशीद मसूद ने हर हाल में सहारनपुर सीट से शादान को लोकसभा चुनाव लड़ाने की घोषणा की थी। यहां तक संकेत दिया था कि कांग्रेस छोड़कर किसी दूसरे विकल्प पर विचार किया जा सकता है।
इस बीच राजनीतिक समीकरणों में अप्रत्याशित तौर पर बदलाव आया। रशीद मसूद के बेटे शादान को सपा ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिया।
शादान को प्रत्याशी बनाए जाने पर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं रहीं। कहा जा रहा है कि काजी रशीद मसूद और मुलायम सिंह के मतभेद दूर हो गए हैं।
आगामी लोकसभा चुनाव में पश्चिमी यूपी की कई सीटों पर लाभ को देखते हुए सपा ने रशीद के बेटे को चुनाव मैदान में उतारा है।
रशीद मसूद ने फिलहाल कांग्रेस नहीं छोड़ी है और एग्रीकल्चरल एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डवलपमेंट अथॉरिटी (एपीडा) के चेयरमैन हैं।