लखनऊ। आयकर विभाग के दफ्तर में दो आईआरएस अफसरों के बीच विवाद के मामले में पुलिस की विवेचना कछुए की रफ्तार से चल रही है। अब तक न तो केस दर्ज कराने वाले आईआरएस गौरव गर्ग का बयान दर्ज हो सका है, और ना ही चश्मदीद आयकर आयुक्त ऋचा रस्तोगी, आयकर आयुक्त अपील शौर्या शाश्वत शुक्ला बयान देने थाने पहुंचे। रविवार को भी पुलिस को दफ्तर का सीसीटीवी फुटेज नहीं मिला।
एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल ने बताया कि पीड़ित ने तबीयत खराब होने की बात पुलिस को बताई है। इसके चलते उनका बयान दर्ज नहीं किया जा सकता। पीड़ित के स्वस्थ होते ही उनका बयान विवेचक दर्ज करेंगे। रविवार को घटना के दोनों चश्मदीदों का बयान दर्ज होना था, पर दोनों बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे। इंस्पेक्टर का कहना है कि सोमवार को दोनों के बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस ने फुटेज हासिल करने के लिए आयकर विभाग से दो बार पत्राचार किया है।
कमरे में नहीं लगा है सीसीटीवी
इस पूरे मामले में पुलिस के सूत्र बताते हैं कि जिस कमरे में घटना घटी, वहां कोई सीसीटीवी कैमरा लगा ही नहीं है। कमरा आयकर आयुक्त प्रशासन ऋचा रस्तोगी का है। सीसीटीवी कैमरे परिसर की गैलरी में लगे हैं। पुलिस कैमरे की फुटेज हासिल करने में लगी है। शनिवार को पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ वहां से साक्ष्य एकत्र किए थे।
ये है पूरी घटना
हजरतगंज के नरही स्थित आयकर दफ्तर में बृहस्पतिवार को असिस्टेंट कमिश्नर योगेंद्र मिश्रा पर आईआरएस गौरव गर्ग पर हमला करने का आरोप लगा था। हमले में डिप्टी कमिश्नर गौरव गर्ग घायल हो गए थे। गौरव ने हजरतगंज थाने में योगेंद्र मिश्र के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया था। गौरव गर्ग आईपीएस रवीना त्यागी के पति हैं। इस घटना के बाद आरोपी योगेंद्र मिश्रा ने पुलिस अधिकारियों को तहरीर भेजते हुए उनका भी केस भी दर्ज किए जाने की मांग की थी। योगेंद्र मिश्र की पत्नी ने शनिवार को इस संबंध में पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर से उनके दफ्तर में मुलाकात की थी।