प्राइवेट हॉस्पिटल में मरीज के इलाज में गंभीर लापरवाही सामने आई है। सड़क हादसे में घायल युवक के पैर में संक्रमण फैल गया, जिसके कारण आठ बार ऑपरेशन करना पड़ा। जांच में दोषी पाए जाने पर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
गोमतीनगर के विनोद हॉस्पिटल में हादसे में जख्मी मरीज के इलाज में घोर लापरवाही हुई थी। पैर में संक्रमण बढ़ने पर उसे आठ ऑपरेशन कराने पड़े। जांच में अस्पताल को दोषी पाए जाने पर सीएमओ ने उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया है।
विज्ञापन
गोमतीनगर के खरगापुर कौशलपुरी निवासी नीरज मिश्रा (35) वर्ष 2022 में सड़क हादसे में जख्मी हो गए थे। परिजनों ने उन्हें नजदीकी विनोद हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। दाहिने पैर की हड्डी टूटने पर वहां डॉक्टर ने ऑपरेशन करने की बात कही और एंबुलेंस से मरीज को कुर्सी रोड स्थित ग्रीन सिटी हॉस्पिटल भेज दिया था, जहां मरीज का ऑपरेशन कर पैर में रॉड डाली गई थी।
ऑपरेशन के आधे घंटे बाद ही मरीज को दोबारा एंबुलेंस से विनोद हॉस्पिटल भेजा गया था। करीब 14 दिन तक भर्ती रहने के बाद मरीज की हालत बिगड़ गई। उसे दूसरे अस्पताल में दिखाया तो डॉक्टर ने पैर सड़ने की बात बताई, जिसे सही करने के लिए आठ ऑपरेशन किए गए। इसमें लाखों रुपये खर्च हो गए। पीड़ित ने इसकी शिकायत सीएमओ ऑफिस में दर्ज कराई थी। जांच के लिए कमेटी बनी, जिसने विनोद हॉस्पिटल को दोषी पाया। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने कमेटी की संस्तुति पर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करते हुए संचालन पर रोक लगा दी है।