लखनऊ। चिनहट की इंडियन ओवरसीज बैंक के 42 लॉकर तोड़कर करोड़ों के जेवर और नकदी चोरी के मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर मेहरबानी बरती जा रही है। चेन लूट की घटना में थाना प्रभारी विकासनगर और चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया था। हालांकि, इतनी बड़ी वारदात के बाद भी चिनहट थाने के किसी भी पुलिसकर्मी की जवाबदेही नहीं तय की गई। इस घटना ने पुलिस की रात्रि गश्त के दावे पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
खास बात ये है कि दिसंबर और जनवरी माह में सालाें से बदमाश डकैती व चोरी करते आए हैं। बावजूद पुलिस सक्रिय नहीं नजर आई। रात में होने वाली घटनाओं को देखते हुए कई बार रात्रि गश्त को लेकर आदेश दिए गए। टीमें गठित की गईं। जवाबदेही भी तय हुई, लेकिन इस घटना में किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया।
चिनहट थाने के प्रभारी दरोगा भरत पाठक का काफी पहले कानपुर ट्रांसफर हो गया था। बावजूद इसके उन्हें थाने का प्रभार सौंपा गया। ऐसा तब है जब राजधानी में बड़ी संख्या में इंस्पेक्टर थानों में अतिरिक्त निरीक्षक हैं। यही नहीं, चिनहट थाने में सिपाहियों की संख्या भी अन्य थानों की अपेक्षा कम है। थाने में दरोगा मानक के करीब पोस्ट किए गए हैं, लेकिन सिपाहियों की कमी के कारण व्यवस्था बदहाल बताई जा रही है।
वारदात के बाद सभी बदमाश इंदिरानगर के एक होटल में ठहरे थे। पुलिस होटल संचालक और उनके स्टाफ से भी पूछताछ करेगी। पुलिस ने होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं। होटल प्रबंधन ने बदमाशों से आईडी लिए थे या नहीं, इसके बारे में जानकारी की जा रही है। अगर होटल प्रबंधन की लापरवाही पाई जाती है तो कार्रवाई होगी।
24jjrp15- बेरी। कार्यक्रम को संबोधित करते इंद्रेश कुमार। स्त्रोत- आयोजक- फोटो : udhampur