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Lucknow News: लापरवाही की हद पार....रामकी पर 60 बार जुर्माना, तब भी नहीं सुधार

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आ​शियाना में पड़ा कूड़ा।
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लखनऊ। यह दो मामले तो महज बानगी हैं। नगर निगम रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले एक साल में 77 वार्डों में कंपनी पर 60 बार में 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इसके बावजूद कंपनी में सुधार नहीं दिखा। त्योहार के मौके पर अलीगंज और महानगर सहित कई इलाकों में रविवार को दिनभर सड़कों पर टनों कूड़ा सड़ता रहा।
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नगर निगम ने करीब डेढ़ साल पहले रामकी को शहर के 110 में से 77 वार्डों की सफाई का जिम्मा दिया था। अनुबंध के अनुसार, कंपनी को सड़क व नालियों की सफाई, घर-घर कूड़ा कलेक्शन, गीले-सूखे कूड़े का पृथक्करण, ट्रांसफर स्टेशन और एमआरएफ सेंटर संचालन और पड़ाव घरों से कूड़ा शिवरी प्लांट तक पहुंचाने का कार्य करना है।
कंपनी को इसके लिए 3,031 रुपये प्रति मीट्रिक टन के हिसाब से भुगतान किया जाता है। इसके अलावा शिवरी प्लांट पर निस्तारण पर 940 रुपये प्रति टन और खर्च हो रहे हैं। यानी कुल मिलाकर नगर निगम 4,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन खर्च कर रहा है। पहले यही काम इकोग्रीन एनर्जी कंपनी 1,604 रुपये प्रति टन में कर रही थी।
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पहले से और बिगड़ गई सफाई
भारतेंदु हरिश्चंद्र वार्ड के भाजपा पार्षद मान सिंह यादव ने कहा कि रामकी के आने के बाद से सफाई व्यवस्था पहले से भी खराब हो गई है। नगर निगम अधिक खर्च कर रहा है, लेकिन नतीजा शून्य है। भाजपा पार्षद प्रमोद राजन के मुताबिक , कंपनी घरों और पड़ाव घरों से कूड़ा उठाने के लिए निगम से 1,500 रुपये प्रति टन ले रही है, जबकि वही काम ठेकेदारों से 630 रुपये प्रति टन में करवा रही है। कंपनी हर महीने लगभग 200 करोड़ रुपये का फायदा कमा रही है, मगर शहर गंदगी से अटा पड़ा है।
केस–1 : 18 अक्तूबर को जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने कई वार्डों का औचक निरीक्षण किया। अलीगंज के रामराम बैंक चौराहा और सचिवालय कॉलोनी के पास सड़क पर भारी मात्रा में कूड़ा पड़ा मिला। नालियां चोक थीं। डालीगंज के आईटी चौराहे के रास्ते पर भी जगह-जगह कूड़ा फैला मिला। नाराज मंत्री ने कंपनी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
केस–2 : 10 अक्तूबर को नगर आयुक्त गौरव कुमार ने गोमतीनगर के विपुल खंड में निरीक्षण किया तो जगह-जगह कूड़े के ढेर मिले। सड़कों पर झाड़ू तक नहीं लगी थी। घरों से कूड़ा कलेक्शन और पड़ाव घरों से उठान में लापरवाही पाई गई। इस पर कंपनी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
ये भी वजहें
थर्ड पार्टी निगरानी प्रणाली का अभाव
कुछ बड़े लोगों की कंपनी पर मेहरबानी
अनुबंध तोड़कर ठेके पर सफाई कार्य
सदन में मामला उठने के बाद भी कंपनी को बचाया गया
आधुनिक कूड़ाघर नहीं बनाए गए
घरों पर आरएफआईडी प्लेट नहीं लगाई गई
Iजो जुर्माना लगाया गया है, वह कंपनी के बिल से काटा जाएगा। मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कंपनी को काम में सुधार करना होगा, वरना कड़ी कार्रवाई की जाएगी।I
I-गौरव कुमार, नगर आयुक्तI

Iशहर में 10 जगहों पर कॉम्पैक्टर बन चुके हैं और 20 जगहों पर निर्माण कार्य चल रहा है। यह दो महीने में पूरा हो जाएगा। इसके बाद कूड़े की समस्या समाप्त हो जाएगी।I
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I- अभय रंजन, प्रोजेक्ट हेड, लखनऊ स्वच्छता अभियानI
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