बैठक में श्री राम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या धाम के आसपास के विकास कार्यों की समीक्षा की गई। लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता प्रांतीय खंड को मोहबरा बाईपास के फोरलेन का प्रस्ताव बनाने के लिए कहा।
उन्होंने दीपोत्सव सहित आगामी त्योहारों को लेकर कोविड को देखते हुए रिपोर्ट बनाकर देने को कहा ताकि इन उत्सवों को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा कर आगामी तैयारी की जा सके। प्रभारी मंत्री ने रामलला व हनुमानगढ़ी के दरबार में भी हाजिरी लगाई।
600 एकड़ जमीन चिह्नित करने का निर्देश
प्रभारी मंत्री ने विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष विशाल सिंह एवं महानिदेशक पर्यटन एनजी रवि कुमार को निर्देश दिया कि अपने-अपने विभाग के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से अतिरिक्त 500-600 एकड़ जमीनों का चिन्हांकन किया जाए जिससे कि भविष्य में सरकारी होटल या गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा स्थापित किये जाने वाले होटलों व अन्य प्रदेश के राज्य सरकारों की मांग के अनुरूप भूमि की व्यवस्था की जा सके।
विगत वर्षों से नयाघाट पर रामलीला संकुल का निर्माण हो रहा है इसकी लागत लगभग 5 करोड़ थी जिसकी संपूर्ण धनराशि जल निगम की निर्माण इकाई सीएंडडीएस को दे दी गई है। इसका कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है। इससे जुड़े हुए लोगों द्वारा एक करोड़ बीस लाख के आसपास की धनराशि की गड़बड़ी की गई है।
इस पर पूर्व में निर्माण इकाई सीएंडडीएस द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई है परंतु उस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई जिस पर प्रभारी मंत्री ने असंतोष व्यक्त किया।
उन्होंने बैठक में उपस्थित संस्कृति के संयुक्त निदेशक वाईपी सिंह को पूरे विवरण के साथ शीघ्र पत्रावली विभाग को एवं पुलिस महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को विवरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।