फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिठाई के शोरूम में चल रही थी नोट बदलने की दुकान, जानें कौन-कौन पहुंचा

Sat, 17 Dec 2016 01:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
नीलकंठ म‌िठाई की दुकान पर छापा - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
नीलकंठ ग्रुप के सिंडीकेट ने नोटबंदी के बाद काले धन को सफेद कर खूब कमाई की है। एक महीने के भीतर ग्रुप के कई बैंक खातों में 11 करोड़ रुपये का कैश जमा किया गया। आयकर विभाग ने शिकंजा कसा तो पता चला कि मिठाई के शोरूम में नोट बदलने की ‘दुकान’ चल रही थी। 
विज्ञापन


रीयल एस्टेट व सुपारी कारोबारियों के यहां बृहस्तपतिवार को 65 लाख रुपये के नए नोट जब्त होने के बाद नीलकंठ ग्रुप के मुखिया वीरेंद्र गुप्ता समेत अन्य पर केस दर्ज करने की तैयारी चल रही है। इधर प्रवर्तन निदेशालय मुकदम दर्ज होने का इंतजार कर रहा है, इसके बाद वह काले धन को सफेद करने की जांच शुरू करेगा।

आयकर विभाग के सूत्रों का कहना है कि नीलकंठ ग्रुप के मुखिया वीरेंद्र गुप्ता के गोमतीनगर आवास की 36 घंटे तक चली जांच में काला धन सफेद करने वालों का ब्यौरा भी हाथ लग गया है। 
विज्ञापन


इनमें आईएएस, पूर्व आईपीएस, राजकीय निर्माण निगम, एलडीए, बिजली के कुछ इंजीनियर एवं बड़े व्यापारी शामिल हैं। आयकर अफसर वीरेंद्र गुप्ता से पता लगा रहे कि किसने कितना काला धन सफेद कराया। इसके बाद आयकर का शिकंजा काला धन सफेद करने वालों पर कसा जाएगा। 

नोट के बदले 45 किलो सोना

डेमो प‌िक
काला धन के कुछ कुबेर जब पुराने नोट के बदले में नए नोट नहीं पा सके तो उन्होंने सोना खरीदा। यह सोना 55 से 65 लाख रुपये किलो के रेट से खरीद गया है। अमीनाबाद, गोमतीनगर, भूतनाथ के कारोबारियों ने कुल 45 किलो सोने की डिलीवरी दी। आयकर टीम को नोट के बदले में सोना खरीदने वालों का ब्यौरा भी हाथ लगा है। 

इस सिंडीकेट ने जिसके 1000 एवं 500 के नोट की ब्लैक मनी को व्हाइट किया, उसकी नीलकंठ मिठाई शोरूम में मिठाई की बिक्री में खपाया गया। यानी कमीशन पर पुराने नोट बदले और उनको शहर की कई शोरूम की सेल बुक में दर्ज कर दिया। 

आयकर अफसर बताते कि बड़े पैमाने पर पुराने और नए नोट रामनगर एवं ऐशबाग के दो ठिकानों पर रखे जाने की पुख्ता सूचना थी। बैंक अधिकारी उस वक्त चौंके जब नीलकंठ ग्रुप के खातों में महीने भर में ही 11 करोड़ रुपये के नोट जमा हुए जिसकी सूचना आयकर विभाग को दी गई। 
विज्ञापन

एक करोड़ के पुराने नोट के बदले दिया 60 लाख

डेमो प‌िक - फोटो : ani
नीलकंठ ग्रुप सिंडीकेट काले धन के नोट दो तरह के कमीशन रेट  पर बदल रहे थे। जिन कारोबारियों, नेताओं, अफसरों ने ब्लैक मनी के पुराने 1000-1000 और 500-500 के नोट देकर 2000-2000 के नए नोट लिए उनसे 40 फीसदी तक कमीशन लिया। 

यानी जिन्होंने एक करोड़ रुपये के पुराने नोट दिए उन्हें 60 लाख रुपये के नए नोट दिए गए। जिन्होंने तीन महीने की वेटिंग पर काला धन सफेद कराया उनको 25 फीसदी कमीशन देना पड़ेगा। 
कमीशन रेट
तत्काल         40 फीसदी
तीन माह में   25 फीसदी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें