एनडीए परीक्षा में हर बार की तरह इस बार भी जीएस और रीजनिंग के सवालों में अभ्यर्थी उलझे रहे। वहीं, कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच आयोजित परीक्षा को लेकर जहां कुछ केंद्रों पर थर्मल स्क्रीनिंग व सैनिटाइजेशन की व्यवस्था थी तो कई जगह पर कोई व्यवस्था नहीं थी। कई कंद्रों पर पुलिस की उपस्थिति के बाद भी सोशल डिस्टेंसिंग नहीं मेंटेन की जा सकी।
परीक्षा देकर निकले कानपुर के साहिल ने बताया कि पिछले साल की अपेक्षा मैथ का पेपर बेहतर लगा। हालांकि रीजनिंग से जुड़े सवाल थोड़े कठिन थे। अंबेडकरनगर के समर्पित मौर्य ने बताया कि ओवरऑल पेपर टफ था। मैथ में जहां स्टेटिक्स के सवाल कठिन थे, वहीं जीएस में पैसेज और ग्रामर से जुड़े सवाल काफी उलझाने वाले थे।
अयोध्या के दीपक यादव ने बताया कि जनरल नॉलेज में अधिकतर सवाल राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े थे। गणित के सवाल काफी लंबे थे। कानपुर के रितिक यादव ने बताया कि करेंट अफेयर्स के सवाल भी काफी घुमाकर पूछे गए थे। अंग्रेजी भी कठिन थी। सवाल इतने कठिन थे कि ढाई घंटे का समय कम पड़ गया। माइनस मार्किग होने के कारण रिस्क भी नहीं ले सकते थे।