देश भर में सड़क हादसों में यूपी में सबसे ज्यादा बच्चे जान गंवाते हैं। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों के आसपास हुए सड़क हादसों में 763 जान गईं। जो देश में इन्हीं इलाकों में हुई 5,278 मौतों में सर्वाधिक है।
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा 2015 के जारी आंकड़ों के अनुसार यूपी के बाद तमिलनाडु का नंबर आता है, जहां 619 मौतें हुईं। इसके बाद तेलंगाना (349) और मध्यप्रदेश (358) हैं जो यूपी से बहुत पीछे हैं।
स्कूलों के आसपास पास सुबह और छुट्टी के समय विद्यार्थियों की भारी भीड़ होती है। लेकिन ट्रैफिक के खराब प्रबंधन से इस तरह की मौतों के मामले देश भर में अपना प्रदेश सबसे आगे है।
दूसरी ओर प्रदेश में शहर के स्कूली इलाकों में 449 लोगों की जान गई है। इनमें 80 प्रतिशत बच्चे थे। यह साढ़े चार सौ मौतें देश में इन हिस्सों में हुईं 3,944 मौतों में शामिल हैं, और संख्या के लिहाज से सबसे ज्यादा है।
यूपी के बाद तमिलनाडु (322), मध्यप्रदेश (309) और कर्नाटक (285) जैसे राज्य हैं। यह दर्शाता है कि प्रदेश की सड़कें स्कूली बच्चों के लिए किस कदर जानलेवा साबित हो रही हैं।
स्कूली बसों ने ली साढ़े चार सौ से अधिक जानें, 378 बच्चे
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साल 2015 में देश में स्कूल बसों के हादसों में 422 लोगों की जान गई, जिनमें 378 बच्चे थे। वहीं कुल 1622 नागरिक घायल हुए, जिनमें से 1352 स्कूली बच्चे थे। दूसरी ओर इन स्कूली बसों की वजह से हुए हादसों में 44 अन्य लोगों को भी जान गंवानी पड़ी।
कानपुर-लखनऊ में सर्वाधिक मौतें
देश के प्रमुख शहरों में स्कूली क्षेत्रों में हुए सड़क हादसों में यूपी के शहर सबसे आगे हैं। कानपुर, लखनऊ, आगरा, गाजियाबाद देश के बदनाम 52 शहरों में टॉप चार में शामिल हैं जबकि मेरठ छठवें स्थान पर है। इन हादसों में भी मरने वालों में 80 प्रतिशत बच्चे ही हैं।
ये है ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में मौतों का आकड़ा
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शहर--ग्रामीण क्षेत्र--शहरी क्षेत्र
आगरा--37--51
इलाहाबाद--00--00
गाजियाबाद--30--25
कानपुर--92--96
लखनऊ--38--30
मेरठ--16--01
वाराणसी--00--04
देश में हालात
- देश के ग्रामीण क्षेत्रों में 2015 में स्कूलों के आसपास 13,849 सड़क हादसे हुए, जिनमें 5,278 की मौत हुईं, इनमें अधिकतर बच्चे ही थे। इन हादसों में 16,311 लोग घायल भी हुए।
- शहरी क्षेत्रों में हादसों की संख्या 13,210 थी जिनमें मौतों की संख्या 3,944 थी जो आनुपातिक तौर पर कम रही। यहां घायलों संख्या भी कम 13,270 रही।