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NCRB report: यूपी में अपराध राष्ट्रीय औसत से कम, महिलाओं के साथ कम हुए हिंसा के मामले; नहीं हुआ कोई दंगा

Thu, 07 May 2026 09:02 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Crime in UP: नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की वर्ष 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी में अपराध लगातार घट रहे हैं। महिलाओं के साथ हिंसा कम हुई है। 
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एनसीआरबी के आंकड़े। एआई इमेज। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी अपराध मुक्त प्रदेश की दिशा में आगे बढ़ा है। वर्ष 2024 में प्रदेश में राष्ट्रीय औसत की तुलना में कम अपराध हुए। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की वर्ष 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक देश भर के औसत 252.3 फीसदी के मुकाबले यूपी में 180.2 फीसदी अपराध हुए। यह राष्ट्रीय औसत से 28.5 फीसदी कम है। इसके अलावा जनसंख्या के आधार पर देश भर के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की तुलना में यूपी अपराधों के मामले में 2023 के 24वें स्थान के घटकर 18वें स्थान पर आ गया है।

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रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024 में आईपीएस और बीएनएस के तहत यूपी में कुल 4,30,552 अपराध दर्ज किए गए, जबकि वर्ष 2023 में इसकी संख्या 4,28,794 और वर्ष 2022 में 4,01,787 थी। वर्ष 2024 में दर्ज मामलों में से 76.7 फीसदी में अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया, जो राष्ट्रीय औसत 75.6 फीसदी से ज्यादा है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश पुलिस ने तीन-चौथाई से अधिक मामलों में आरोप पत्र दाखिल करने में तत्परता दिखाई। खास बात यह है कि चुनावी वर्ष के दौरान 2024 में प्रदेश में बवाल के 2610 मामले तो दर्ज किए गए, लेकिन कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। इस तरह औद्योगिक राजनीतिक और जातियों के बीच संघर्ष की घटना भी नहीं हुई।

महिलाओं के साथ जघन्य अपराध घटे, लेकिन चुनौतियां बाकी
महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों के मामलों में भी वर्ष 2023 के मुकाबले कोई खास बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई है और महिलाओं के साथ जघन्य अपराध घटे हैं। इसी तरह हत्या के मामलों में बीते वर्ष के मुकाबले आंशिक बढ़ोतरी हुई है तो अपहरण के मामले कम हुए हैं। हालांकि बच्चों के साथ अपराध के बढ़ते मामले अभी चुनौतियां बने हुए हैं। वर्ष 2024 में प्रदेश में संगठित अपराध का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। आंकड़े सुधार के संकेत तो देते हैं, लेकिन अपराध के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की मांग भी करते हैं।

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