लखनऊ। अंसल मामले की सुनवाई राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को एक घंटे तक बहस हुई। अगली सुनवाई 19 नवंबर हो होगी। सुनवाई शुरू होने से आवंटियों ने राहत महसूस की है, क्योंकि इससे पहले 10 बार सुनवाई टल चुकी थी।
राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की ओर से फरवरी में अंसल को दिवालिया घोषित किए जाने के विरोध में एनसीएलएटी में केस चल रहा था। जुलाई में कोर्ट से स्थगन आदेश के बाद केस को लेकर फाइनल सुनवाई नहीं हो पा रही थी।
आवंटी व निवेशक गगन टंडन ने बताया कि लंच के बाद करीब तीन बजे सुनवाई शुरू हुई और एक घंटे तक चली। इस दौरान अंसल का वकील नहीं था। उसने बीमारी की अर्जी लगाई थी। लखनऊ विकास प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अधिवक्ताओं ने बहस की।
आवंटियों और घर के खरीदारों की ओर से विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह भी अधिवक्ता के तौर पर पूरे समय कोर्ट में मौजूद रहे। सुनवाई शुरू होने से उम्मीद जगी है कि केस का फैसला आ जाएगा और आवंटियों के हित में आएगा। करीब पांच हजार आवंटियों और निवेशकों को इसका इंतजार है। ये वे लोग हैं जिन्हें पैसा जमा करने के बाद भी प्लॉट, मकान और फ्लैट नहीं मिला। जब तक निर्णय नहीं आएगा, कोर्ट का स्टे प्रभावी है। इसके तहत अंसल कंपनी सुशांत गोल्फ सिटी को किसी और को हैंडओवर नहीं कर पाएगी।