रायबरेली। डॉक्टरों की कमी मरीजों के इलाज में एक बड़ी बाधा बन जाती है। जिले में भी कमोबश यही हाल है। फिलहाल राहत भरी खबर ये है कि जिले के नॉन कम्युनिकेबल डिजीज (एनसीडी) क्लीनिकों को संजीवनी मिल गई है। चार नए डॉक्टर मिलने के बाद इन क्लीनिकों का बेहतर संचालन होगा।
चिकित्सक मिलने के बाद मैटरनल हेल्थ, शहरी पीएचसी, आरोग्य मंदिर सहित अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों को संचालित किया जा सकेगा। शासन की मंशा पर राष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए 13 डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो गई है। हालांकि 50 डॉक्टरों की जरूरत है, लेकिन कम ही चिकित्सक मिले हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले में संचालित राष्ट्रीय कार्यक्रम डॉक्टरों के अभाव में बेदम हैं। सभी सीएचसी में एनसीडी क्लीनिके संचालित की गई थीं, लेकिन एक-एक करके डॉक्टरों के काम छोड़ देने के कारण क्लीनिकों का संचालन सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। टेलीमेडिसिन सेवा के लिए चिकित्सक की व्यवस्था न होने के कारण कार्यक्रम का संचालन नहीं हो पा रहा था। शहरी पीएचसी और आरोग्य मंदिर भी डॉक्टरों की कमी के कारण प्रभावित रहे।
शासन की मंशा पर डॉक्टरों के 50 पदों को भरने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसमें मात्र 13 लोग ही मिल सके हैं। हालांकि 13 डॉक्टरों के मिलने के बाद योजनाओं व कार्यक्रमों में कुछ जान जरूर आ गई है।
चयन प्रक्रिया में एनसीडी क्लीनिकों के लिए डॉ. अमित कुमार, डॉ. रामचंदर, डॉ. सहदेव प्रसाद, डॉ. जय प्रकाश विद्यार्थी, जेई/एईएस के लिए डॉ. जयवीर सिंह, डॉ. अभय कुमार, शहरी पीएचसी के लिए डॉ. विश्वदीप शाक्य, डॉ. रमेश प्रसाद, शहरी आरोग्य मंदिर के लिए डॉ. अंकिता सिंह, टेलीमेडिसिन के लिए डॉ. अमित कुमार, मैटेरनल हेल्थ के लिए डॉ. सपना सिंह, डॉ. रागिनी यादव व डॉ. नेहा गौतम का चयन किया गया है। डॉक्टरों का चयन होने के बाद जल्द कार्यक्रमों का संचालन होगा।
जल्द भरे जाएंगे डॉक्टरों के अन्य पद
वाक इन इंटरव्यू के माध्यम से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जल्द ही डॉक्टरों के पद भरे जाएंगे। इसके लिए शासन से दिशा-निर्देश भी आ चुके हैं। जिले स्तर पर इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पर्याप्त चिकित्सकों की व्यवस्था होने के बाद राष्ट्रीय कार्यक्रमों का प्रभावी ढंग से संचालन हो सकेगा।
एनसीडी, शहरी पीएचसी, आरोग्य मंदिर सहित अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए 13 नए डॉक्टर मिल गए हैं। एनएचएम के तरह अन्य चिकित्सकों के भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू कराई जाएगी।
डॉ. शरद कुशवाहा, एसीएमएस/नोडल एनएचएम