लखनऊ। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने वर्ष 2023 के आंकड़े जारी कर दिए हैं। इसमें देश भर के 19 मेट्रोपोलिटन शहर शामिल किए गए हैं, जिसमें यूपी के तीन शहर हैं। आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा जघन्य अपराध लखनऊ में दर्ज किए गए। कानपुर दूसरे और गाजियाबाद तीसरे नंबर पर है।
वर्ष 2023 में यूपी के तीनों शहरों में सर्वाधिक 2,236 केस राजधानी में पंजीकृत किए गए। इनमें दुष्कर्म के 151, हत्या के 98 और लूट के 152 केस शामिल हैं। बहला-फुसलाकर भगाने और अपहरण के सबसे ज्यादा 720 मामले सामने आए। हालांकि, डकैती का केवल एक ही प्रकरण पंजीकृत किया गया है। वर्ष 2021 में कुल 1,636 मामले सामने आए थे, जबकि वर्ष 2022 में यह आंकड़ा कम होकर 1,319 पर आ गया था। वहीं, वर्ष 2023 में दोनों वर्षों के मुकाबले अपराध में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
कानपुर व गाजियाबाद का हाल
IकानपुरI
हत्या - 97
दुष्कर्म - 86
लूट - 16
डकैती - 2
IगाजियाबादI
हत्या - 45
दुष्कर्म - 83
लूट - 40
डकैती - 2
आंकड़े एक नजर में
कानपुर में वर्ष 2021 में 389, वर्ष 2022 में 851 और 2023 में कुल 902 केस दर्ज किए गए।
गाजियाबाद में वर्ष 2021 में 367, वर्ष 2022 में 525 और 2023 में 466 केस सामने आए।
इन शहरों को किया गया शामिल
एनसीआरबी ने अहमदाबाद, बेंगलूरू, चेन्नई, काेयंबटूर, दिल्ली शहर, गाजियाबाद, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, कानपुर, कोच्चि, कोलकाता, कोझिकोडे, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, पटना, पूणे, सूरत।
अपराध बढ़े तब भी नहीं दिखाई तेजी, चार्जशीट में पीछे
एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2023 में लखनऊ पुलिस 58.5 प्रतिशत मामलों में ही चार्जशीट दाखिल कर पाई थी। अपराध में बढ़ोतरी के बावजूद आरोप पत्र दाखिल करने में पीछे रहने से पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। आंकड़ों में कानपुर पुलिस ने 69.6 और गाजियाबाद पुलिस ने 80.4 प्रतिशत मामलों में चार्जशीट दाखिल की थी।
जघन्य मामलों में स्थिति
लखनऊ - 77.1
कानपुर - 30.9
गाजियाबाद - 19.8
दहेज हत्या में भी बढ़ोतरी
राजधानी में वर्ष 2023 में दहेज हत्या के 45 केस दर्ज किए गए। कानपुर में भी 45 मामले सामने आए। हालांकि, गाजियाबाद में महज 26 केस पंजीकृत हुए थे। इसके अलावा जानलेवा हमले के सबसे ज्यादा 90 केस राजधानी में दर्ज हुए। वहीं, कानपुर में 52 और गाजियाबाद में 35 मामले सामने आए थे।
हत्या के मामलों में कमी
तीन साल के आंकड़ों की तुलना में राजधानी में हत्या के मामलों में कमी दर्ज की गई। वर्ष 2021 में जहां 101 केस दर्ज हुए थे। वहीं, वर्ष 2022 में 131 मामले सामने आए। हालांकि, वर्ष 2023 में यह घटकर 98 हो गया। इसके विपरीत कानपुर में तीन साल की तुलना में हत्या के मामलों में बढ़ाेतरी हुई है।