मां के जयकारों के साथ बृहस्पतिवार सुबह से ही श्रद्धालु मंदिरों में देवी पूजन को उमड़ेंगे। धूप-अगरबत्ती, फल-फूलों और मंत्रोच्चारों के बीच शारदीय नवरात्र आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के पहले दिन मां दुर्गा के पहले शैलपुत्री रूप की मंदिरों में पूजा की जाएगी।
साथ ही घरों में भी मां की आराधना के लिए कलश स्थापना की जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक को इस बार दिन में सूर्योदय से लेकर अभिजित मुहूर्त (11:24 से 12:30 बजे के बीच भी) में कलश स्थापना करना उत्तम रहेगा।
नवरात्र से पहले बुधवार दोपहर बाद नगर आयुक्त के साथ कौशल विकास राज्यमंत्री प्रो. अभिषेक मिश्रा ने लगभग आधा दर्जन दुर्गा मंदिरों का दौरा कर साफ-सफाई का जायजा लिया।
चंद्रिकादेवी मंदिर में नवरात्र महोत्सव शुरू
बीकेटी के गांव कठवारा में स्थित चंद्रिकादेवी मंदिर में बुधवार को अमावस्या मेले के साथ ही नवरात्र महोत्सव का शुभारंभ हुआ। मंगलवार शाम को मां की महाआरती के साथ ही लोगों ने दर्शन किए।
मेला विकास समिति के अध्यक्ष अखिलेश सिंह चौहान ने बताया कि नवरात्र के एक दिन पहले इस अमावस्या का अलग ही महत्व है।
नवरात्र महोत्सव का मुख्य महोत्सव गुरुवार को आरंभ होगा, जो पूरी नवरात्र भर चलेगा। वहीं, ऊनई देवी मंदिर में कलश यात्रा से नवरात्र महोत्सव की शुरूआत होगी।
कलश यात्रा मंदिर से चंद्रिका देवी मंदिर तक जाएगी। महोत्सव के संयोजक व प्रधान श्रीराम यादव ने बताया कि कलश यात्रा के अलावा कई धार्मिक आयोजन भी होंगे।
डालीगंज जैन मंदिर में नवरात्र पूजन
श्री जैन धर्म प्रवर्द्धनी सभा की ओर से नौ दिवसीय मां पद्मावती देवी की आराधना और नवरात्र महापर्व का आयोजन 25 सितंबर से 3 अक्टूबर तक धूमधाम से मनाया जाएगा।
सभा के अध्यक्ष विनय कुमार जैन ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 6 बजे अभिषेक, शांतिधारा, 7 बजे भक्ताबर विधान, 8 बजे पद्मावती माता की 1008 की पूजा एवं गोद भराई एवं श्रंगार होगा।
शाम 6 बजे मां पद्मावती को कुमकुम लगाने का कार्यक्रम और आरती होगी। विनय जैन ने बताया कि नवरात्र पूजन से पहले सुबह 6:35 बजे 94 घंटे से बंद कमरे में मौन साधना व उपवास कर रहे मुनिश्री यतीन्द्र सागर जी महाराज बाहर निकलेंगे और अन्न जल ग्रहण करेंगे।