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ऑनलाइन क्लासेज के जरिए शरारती बच्चों की गजब शैतानियां, छात्रा का मोबाइल नंबर दूसरे व्हाट्सएप ग्रुपों में जोड़ा

Thu, 07 May 2020 08:25 AM IST
शाहरुख खान अभिषेक सिंह, अमर उजाला, लखनऊ
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फाइल फोटो
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लॉकडाउन के दौरान शुरू की गई ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था का शरारती बच्चों ने मजाक बना डाला। कुछ शरारती बच्चों की गलत हरकतों के चलते छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को शर्मिंदगी महसूस करनी पड़ी। 
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ज्यादातर शिकायतें उन स्कूलों से आईं, जहां जूम एप का इस्तेमाल किया जा रहा था। ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान स्कूलों को ऐसी कई शिकायतें मिली हैं जिसमें छात्र साथ में पढ़ने छात्राओं पर फब्तियां कस रहे हैं। 

यही नहीं, शिक्षक शिकायत कर रहे हैं कि ऑनलाइन पढ़ाई शुरू होने के बाद उनके पास ऐसी-वैसी कॉल आने लगी हैं। कभी उनकी ड्रेस की तारीफ की जाती है तो कभी आवाज की। 
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शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में तो ऑनलाइन डांस क्लासेज के दौरान शरारती बच्चों ने डांस टीचर का वीडियो बनाकर अभिभावकों के व्हाट्सएप ग्रुप समेत कई प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिया। साइबर सेल के पास इसकी शिकायत भी आई है। 

वहीं, सीतापुर रोड स्थित एक नामी स्कूल में जूनियर कक्षा के छात्र ने स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप में प्रिंसिपल के खिलाफ अपशब्द पोस्ट कर दिए। स्कूल प्रबंधन ने कड़ी चेतावनी देते हुए छात्र और अभिभावक से ग्रुप में ही माफी मंगवाई। 

एलडीए कॉलोनी स्थित एक प्रतिष्ठित स्कूल में भी एक शर्मनाक वाकया सामने आई। यहां लाइव क्लास के दौरान एक छात्र ने छात्रा की ड्रेस को लेकर कमेंट किया। छात्रा व अभिभावक ने स्कूल प्रबंधन से शिकायत की। छात्र व अभिभावक को माफी मांगनी पड़ी। 

स्कूलों ने बंद किया जूम एप का इस्तेमाल   
ज्यादातर शिकायतें उन स्कूलों से आईं, जहां जूम एप का इस्तेमाल किया जा रहा था। दरअसल जूम एप बिजनेस परपज से बनाया गया था। जिसे शिक्षण संस्थानों ने अपने यहां लागू कर दिया, क्योंकि इसमें एक साथ 100 छात्र व अभिभावकों से लाइव बात कर सकते थे। 

शिकायतें आने के बाद स्कूलों ने जूम एप इस्तेमाल करना बंद कर दिया है। ज्यादातर स्कूल गूगल क्लासरूम एप से पढ़ाई करा रहे हैं और व्हाट्सएप ग्रुप पर वीडियो पोस्ट कर भी पढ़ाई करा रहे हैं। 
 

एसोसिएशन ने बनाई गाइडलाइन

अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने सभी स्कूलों से बात कर एक गाइडलाइन बनाई है। इसके तहत जहां स्कूलों ने जूम एप का इस्तेमाल बंद कर दिया। वहीं, यूनिफॉर्म में पढ़ाई कराना शुरू कर दिया है। 

अभिभावकों से कहा गया है कि वे ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान बच्चों पर ध्यान दें। ग्रुपों में प्रधानाचार्य को भी जोड़ा गया है। लाइव कक्षा के दौरान शिक्षक मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं।

ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान जब इस तरह की शिकायतें आईं तो हम सभी ने बात कर एक गाइडलाइन तैयार की है। सारे निजी स्कूल अब उन गाइडलाइन को आधार मानकर पढ़ाई करा रहे हैं। जहां शिकायतें मिली हैं वहां के स्कूल प्रबंधन ने छात्रों को कड़ी चेतावनी दी है। 

गंभीर शिकायतों में तो स्कूल प्रबंधन ने छात्र को ऑनलाइन पढ़ाई से सस्पेंड भी कर दिया है। स्कूल खुलने के बाद स्कूल प्रबंधन इस छात्र के खिलाफ कार्रवाई करेगा। 
-अनिल अग्रवाल, चेयरमैन, अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन
 
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केस 1: अश्लील वीडियो पोस्ट कर दिया
शहीद पथ स्थित एक प्रतिष्ठित स्कूल में ऑनलाइन लाइव क्लास के दौरान एक सीनियर छात्र ने अश्लील वीडियो पोस्ट कर दिया। शिक्षक की शिकायत के बाद प्रबंधन ने छात्र व अभिभावक से माफी मंगवाई। छात्र को ऑनलाइन क्लास से सस्पेंड कर दिया है।    

केस 2: छात्रा का मोबाइल नंबर व्हाट्सएप ग्रुपों में जोड़ दिया 
मलिहाबाद के यूपी बोर्ड स्कूल की 10वीं की एक छात्रा का मोबाइल नंबर दो-तीन व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया। छात्रा ने ग्रुप को ब्लॉक कर पता लगाया तो जानकारी हुई कि स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप से किसी छात्र ने उसका नंबर लेकर दूसरों को बांटा था। 
 
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