रायबरेली। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से जूझ रहे यात्रियों को ट्रेनों की लेटलतीफी से भी परेशान होना पड़ रहा है। उद्योग नगरी, भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस, लखनऊ-प्रयागराज स्पेशल दो घंटे से ज्यादा विलंब से आईं। ऊंचाहार में गंगा गोमती एक्सप्रेस के इंतजार में नौचंदी ट्रेन को आधे घंटे तक रोकना पड़ा। ट्रेनों के इंतजार में यात्रियों को इधर-उधर टहल कर समय बिताना पड़ा।
बुधवार को ऊंचाहार स्टेशन पर सहारनपुर से प्रयागराज जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस 15 मिनट विलंब से सुबह 7.17 बजे पहुंची, जिसे आधे घंटे तक रोका गया। प्रयागराज से लखनऊ जाने वाली गंगा गोमती एक्सप्रेस 26 मिनट विलंब स ऊंचाहार पहुंची तो पहले से खड़ी नौचंदी एक्सप्रेस को सुबह 7.51 बजे रवाना किया गया। इससे नौचंदी एक्सप्रेस की लेटलतीफी बढ़कर पौन घंटे हो गई। ऊंचाहार स्टेशन पर चंडीगढ़ से प्रयागराज जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस पौन घंटे और प्रयागराज से चंडीगढ़ जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस व सिंगरौली से टनकपुर जाने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस आधे घंटे देर से आई।
शहर के रेलवे स्टेशन रायबरेली पर लखनऊ-प्रयागराज स्पेशल (पैसेंजर ट्रेन) और भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस ढाई घंटे, लोकमान्य तिलक-प्रतापगढ़ उद्योग नगरी एक्सप्रेस दो घंटे विलंब से आई। बनारस से नई दिल्ली जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, पुरी से आनंद विहार जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस और बनारस से देहरादून जाने वाली जनता मेल पौन घंटे देर से पहुंची। देहरादून से बनारस जाने वाली जनता मेल, हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल, प्रतापगढ़ से कानपुर जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस, प्रयागराज से लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस आधे-आधे घंटे विलंब से आई।
मंगलवार देर रात नई दिल्ली से बनारस जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस चार घंटे और बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस दो घंटे विलंब से पहुंची। ये दोनों ट्रेनें लेटलतीफी के कारण रात दो बजे के बाद पहुंची। प्रयागराज से सहारनपुर जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस सवा घंटे विलंब से आई। रात में भी यात्रियों को काफी इंतजार करना पड़ा। यात्री रेलवे स्टेशन पर इधर-उधर भटकते रहे।
स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि ट्रेनों की लेटलतीफी पिछले स्टेशनों से बढ़ी है। लंबी दूरी की ट्रेनें ज्यादा प्रभावित रहीं।