लखनऊ। ट्रेन विद योर आर्मी कैंप पहल के तहत छावनी स्थित गोरखा राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर में सोमवार को तीन दिवसीय सिविल डिफेंस मास्टर ट्रेनर्स कार्यक्रम शुरू हुआ। इस मौके पर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सैन्य व नागरिक समन्वय की अनिवार्यता पर प्रकाश डाला गया। ड्रोन, हवाई खतरों के प्रति जागरूक किया गया।
मध्य कमान के जनसंपर्क अधिकारी शांतनु प्रताप सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में 73 मास्टर ट्रेनर्स और सिविल डिफेंस स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य वर्तमान एवं उभरती सुरक्षा चुनौतियों के प्रति जमीनी स्तर पर तैयारियों को मजबूत करना है। मध्य उत्तर प्रदेश सब एरिया मुफ्सा के जीओसी मेजर जनरल मनीष कुकरेती ने जनजागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया। सैन्य नागरिक समन्वय को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया। इसे आपातकालीन तैयारियों के लिए समग्र राष्ट्र दृष्टिकोण का हिस्सा बताया। कार्यक्रम 28 अक्तूबर तक चलेगा। इसमें कक्षा आधारित प्रशिक्षण, प्रदर्शन और व्यावहारिक अभ्यास शामिल हैं।
होम गार्ड्स व सिविल डिफेंस के महानिदेशक डीके ठाकुर ने बताया कि प्रशिक्षण में आधुनिक युद्ध एवं उभरती सुरक्षा चुनौतियों पर ध्यान दिया जा रहा है। इसमें ड्रोन, हवाई खतरों, रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु खतरों को शामिल किया गया है। भ्रामक सूचनाओं, साइबर एवं डिजिटल खतरों तथा सुरक्षात्मक उपायों पर भी जानकारी दी जा रही है। मास्टर ट्रेनर्स को आपातकालीन प्रतिक्रिया से जुड़े विषयों पर भी तैयार किया जा रहा है। उनका उद्देश्य इस ज्ञान को सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों और आम नागरिकों तक पहुंचाना है।
प्रशिक्षण में शामिल स्वयंसेवक।
प्रशिक्षण में शामिल स्वयंसेवक।
प्रशिक्षण में शामिल स्वयंसेवक।