कठेरिया ने कहा कि अन्य प्रदेशों में पॉक्सो एक्ट के पीड़ितों को आर्थिक मदद दी जाती है, जबकि यूपी में ऐसा नहीं है। उन्होंने सरकार को इसके लिए पत्र लिखा है।
सीवरेज की सफाई में मारे गए लोगों को मुआवजा नहीं दिया
कठेरिया ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार सीवर लाइन की सफाई के दौरान मृत्यु होने पर दलित व्यक्ति के परिवार के सदस्य को नौकरी, 10 लाख रुपये मुआवजा, बच्चों को निशुल्क शिक्षा और आवास देने का प्रावधान है। बुधवार को राजधानी में दलित बस्ती का जायजा लेने पर सामने आया कि सीवर की सफाई के दौरान दस दलितों की मृत्यु हुई, लेकिन उन्हें मुआवजा या अन्य मदद नहीं मिली। आयोग ने मृतकों के परिवार को मदद दिलाने के लिए सूची मांगी है।
लखनऊ मंडल के अफसर योजनाओं से नावाकिफ
कठेरिया ने कहा कि बुधवार को लखनऊ मंडल की समीक्षा के दौरान सामने आया कि अफसरों को दलित विकास योजना, दलित अपराध नियंत्रण कानून और मुआवजे तक की जानकारी नहीं है।
कठेरिया ने कहा कि राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को इस वर्ष की छात्रवृत्ति का भुगतान तो कर दिया है, लेकिन केंद्र सरकार से 1500 करोड़ नहीं मिलने से उन्हें गत वर्षों की छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है। छात्रवृत्ति की राशि आवंटित करने के लिए केंद्र को पत्र लिखा जाएगा।
मायावती नहीं हैं दलित हितैषी
कठेरिया ने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती खुद ही दलित हितैषी नहीं हैं। यदि वे दलित हितैषी होतीं तो दलितों की स्थिति कुछ और होती।