लखनऊ। नेशनल पीजी कॉलेज में आगामी सत्र से एमएससी जियो इंफॉर्मेटिक्स कोर्स की शुरुआत होगी। इससे छात्र-छात्राओं के लिए नए क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
महाविद्यालय में शुक्रवार को एकेडमिक काउंसिल की बैठक में प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही पत्रकारिता विभाग में परास्नातक के तौर पर एमएजेएमसी कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर सदस्यों ने सहमति दी।
प्राचार्य प्रो. देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि एमएससी जियो इंफॉर्मेटिक्स कोर्स में प्रवेश के लिए भूगोल, विज्ञान, इंजीनियरिंग, बीवॉक, गणित, अर्थशास्त्र, सांख्यिकी, भूविज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, कृषि विज्ञान में स्नातक स्तर पर 55 प्रतिशत अंकों की अर्हता तय की गई है। विद्या परिषद के संयोजक प्रो. राकेश जैन ने कॉलेज के परीक्षा अध्यादेश 2024 में किए संशोधन प्रस्तुत किए। ये संशोधन राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क के तहत स्नातक और परास्नातक की डिग्री के लिए जरूरी थे।
यूजीसी के नियमों में स्पष्ट किया गया कि विद्यार्थियों को स्नातक के प्रथम से स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष तक हर सेमेस्टर में 20 क्रेडिट हासिल करने होंगे। इस प्रकार स्नातकोत्तर के अंत तक कुल 200 क्रेडिट हासिल करने होंगे। विद्या परिषद में इन संशोधनों को शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से लागू करने की स्वीकृति दी गई। बैठक में कुलपति नामित सदस्य के रूप में प्रो. सीबी शर्मा, डॉ. अनिल रस्तोगी, प्रमोद दीक्षित व विभागाध्यक्ष शामिल रहे।
भूगोल में मिलेगी एमएससी की डिग्री
प्राचार्य ने बताया कि बैठक में आए भूगोल विभाग की ओर से छात्रों को परास्नातक में एमए के साथ एमएससी की डिग्री देने के प्रस्ताव को अनुमोदन दे दिया गया। यह प्रस्ताव बुनियादी तौर पर भूगोल में विज्ञान स्ट्रीम के छात्रों के लिए लाभकारी होगा। जिस तरह मानव विज्ञान में एमए और एमएससी दोनों डिग्रियां दी जाती हैं, उसी तरह से भूगोल में भी यह लागू होगा।