नेशनल पापुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) में पंजीकरण कराने वाले घरेलू गैस उपभोक्ताओं के आधार कार्ड जल्द ही गैस एजेंसियों पर शिविर आयोजित कर बनेंगे।
तेल कंपनियों के दिशा निर्देशन में यह शिविर जनसंख्या विभाग व आपूर्ति विभाग के सहयोग से अगले सप्ताह से आयोजित किए जाने की तैयारी हैं। इस संबंध में तीनों प्रमुख तेल कंपनियां गैस एजेंसियों को दिशा निर्देश जारी करेगी।
इसका उद्देश्य जिले में एक जनवरी से घरेलू एलपीजी पर प्रस्तावित कैश आधारित डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर स्कीम (डीबीटीएस) के लिए तीन माह के दौरान ही शत प्रतिशत गैस उपभोक्ताओं के आधार कार्ड तैयार कर कैश बेस सब्सिडी योजना का फायदा पहुंचाने का है।
पहले चरण में बायोमीट्रिक पंजीयन करा चुके गैस उपभोक्ताओं के आधार कार्ड बनेंगे। इसके बाद दूसरे चरण में शिविर में ही बायोमीट्रिक पंजीयन (उंगली व आंखों की पुतली की छाप) दर्ज कराने की व्यवस्था के साथ उपभोक्ताओं के आधार कार्ड तैयार होंगे।
एक प्रमुख तेल कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी ने बताया कि उपभोक्ताओं के बैंक खाते से संबद्ध आधार कार्ड गैस एजेंसियों पर अपडेट कराने को जिले के आपूर्ति विभाग व जनसंख्या विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत पूरी हो चुकी है।
इसमें सहमति बनी है कि जनसंख्या विभाग के स्तर पर तैयार कराए जा रहे एनपीआर रिकॉर्ड में दर्ज गैस उपभोक्ताओं का बायोमीट्रिक रिकॉर्ड डाटा इन्फॉरमेशन चिप्स के जरिए केंद्र सरकार द्वारा आधार कार्ड बनाने को अधिकृत यूडीआई को मुहैया कराया जाएगा।