यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
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नसीमुद्दीन की सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से कई मुलाकातें हुई। इसके बाद उनके सपा में शामिल होने की संभावना बढ़ गई थी। पिछले वर्ष सितंबर में उन्होंने स्वीकार भी किया कि उन्हें सपा की ओर से पार्टी में शामिल होने का ऑफर मिला है। लेकिन दो वजहों से वे सपा में शामिल नहीं हो पाए। अखिलेश उनके सभी समर्थकों को पार्टी में समायोजित कर पाने में मुश्किल महसूस कर रहे थे। साथ ही, उन्हें सपा में दाखिल किए जाने पर पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा।
इसी के बाद सिद्दीकी ने कांग्रेस से नजदीकियां बढ़ाईं। उनकी राहुल गांधी से दो मुलाकातें हुई। राहुल ने उनके प्रमुख समर्थकों को कांग्रेस में समायोजित करने और यथासंभव लोगों को टिकट देने का भी वादा किया। वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का मानना है कि सिद्दीकी के शामिल होने से कांग्रेस और सपा के रिश्तों में कोई फर्क नहीं आएगा। दोनों आगामी चुनावों में उत्तर प्रदेश में तालमेल करना चाहते हैं।