विवादित परिसर में राम मंदिर निर्माण के लिए संसद में कानून कैसे बनाएं जब तक राज्यसभा में हमारा बहुमत नहीं है। रविवार को धर्मनगरी में मंदिर मुद्दे पर यह मजबूरी जताई केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने। वहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के अयोध्या आने का वादा भी किया।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि मंदिर निर्माण पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतजार है।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार सुबह 10:25 बजे श्री दीनबंधु नेत्र चिकित्सालय में बाह्य रोगी कक्ष एवं चिकित्सक आवास निर्माण हेतु भूमि पूजन व शिलान्यास किया। इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत में राम मंदिर के सवाल पर राजनाथ सिंह पहले की तरह मुखर नहीं दिखे।
मंदिर निर्माण के कई सवालों को टालते नजर आए, मगर जब उन्हें राम मंदिर न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष नृत्यगोपाल दास समेत आंदोलन से जुड़े प्रमुख संतों व आरएसएस नेताओं की उपस्थिति का एहसास कराया गया तो संभल गए।
मजबूरी गिनाते हुए कहा कि सब जानते हैं सरकार के पास राज्यसभा में बहुमत नहीं है, ऐसे में संसद में कानून नहीं बन सकता। अब हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना होगा।
बहुमत के बाद क्या होगा, यह सवाल ही काल्पनिक
क्या राज्यसभा में बहुमत आने के बाद संसद से मंदिर निर्माण का कानून बनेगा? इस सवाल को श्री सिंह ने काल्पनिक कहकर टाल दिया। सिर्फ इतना कहा कि जब बहुमत आएगा तब बताएंगे, अभी काल्पनिक जवाब देना जरूरी नहीं है। राजनाथ सिंह ने हनुमानगढ़ी, कनक भवन व रामलला के दर्शन भी किए।
मोदी जरूर आएंगे अयोध्या
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या जरूर आएंगे। सभी को अपनी धर्म और संस्कृति के अनुसार पूजा-पाठ की स्वतंत्रता है। मैं भी यहां रामलला का दर्शन करूंगा।
नरेंद्र मोदी अयोध्या पूजन-अर्चन करने क्यों नहीं आ सकते। श्री सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अजमेर में चादर भेजे जाने और प्रधानमंत्री बनने के बावजूद वादा कर अयोध्या दर्शन करने न आने के सवाल का जबाव दे रहे थे।
मुख्यमंत्री कितना सच बोलते हैं वे जानें
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदेश सरकार को असहयोग करने के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आरोप को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए कहा कि हम आरोप-प्रत्यारोप में नहीं जाएंगे। मुख्यमंत्री कितना सच बोल रहे हैं, वे जानें।
केंद्र सरकार का राज्य सरकार को पूरा सहयोग है। केंद्र सरकार ने किसानों को मुआवजा राशि बढ़ाकर डेढ़ गुना करने के साथ ही मानकों में ढील देकर 50 प्रतिशत की जगह 33 प्रतिशत फसल बर्बादी पर राहत देने का प्रावधान किया है।
राज्य सरकार फसलों की बर्बादी पर संपूर्ण सर्वे की समग्र रिपोर्ट भेजकर केंद्रांश ले सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। कहा कि जहां तक विकास की बात है विभिन्न मदों में केंद्र सरकार का कई करोड़ रुपये राज्य के पास है।
केंद्र ने कर वसूली की एवज में राज्य सरकार को मिलने वाले हिस्से को भी 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत कर दिया है। इसके तहत 6 हजार करोड़ रुपये प्रदेश को दिए जा चुके हैं।
संतों के बीच समझाया राजनीति का अर्थ
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने संतों के बीच राजनीति का अर्थ समझाया। कहा कि राजनीति भी संतों की तरह एक पूजा और सेवा है। लेकिन इसका अर्थ आज झूठ बोलना, गलत वादे करना, पैर खींचना और पीठ में चाकू मारना हो गया है।
इस तरह का भाव राजनेता में नहीं होना चाहिए। उसे पता होना चाहिए कि सेवा ही चुनाव में प्रतिफल के रूप में मिलता है। इसमें भी लोगों को सेवा ही धर्म मानना चाहिए, सत्ता-चुनाव-टिकट सब विधाता पर छोड़ देना चाहिए। उन्होंने नेताओं से अपील की कि राजनीति का खोया हुआ अर्थ स्थापित करें।
दाऊद पर संसद में बोलूंगा
अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के ठिकाने के बारे में पूछे जाने पर राजनाथ सिंह ने कहा कि मैने इस बारे में संसद में बात रखी है, सोमवार-मंगलवार को फिर वहीं बोलूंगा। मामला सदन के सामने है, इसलिए यहां कुछ नहीं बोलूंगा।