उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के सहयोग से श्री नंदकिशोर खन्ना फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को शीरोज है
लखनऊ। उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के सहयोग से श्री नंदकिशोर खन्ना फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को शीरोज हैंगआउट में परिचर्चा का आयोजन हुआ। इसका विषय था एक नायाब हीरा: श्री नंद किशोर खन्ना की कला यात्रा। मुख्य अतिथि राज्य ललित कला अकादमी के पूर्व अध्यक्ष मो. यामीन खान ने कहा कि नंद किशोर खन्ना केवल चित्रकार नहीं बल्कि संवेदना के सृजनहार थे। उनकी हर रेखा में जीवन की गहराई झलकती थी। हिंदी संस्थान ने उन्हें कला भूषण पुरस्कार से नवाजा था। विशिष्ठ अतिथि इतिहासकार रवि भट्ट रहे। कनौजिया और शहंशाह हुसैन ने विचार रखे। फाउंडेशन की ओर से फोटोग्राफी के क्षेत्र में अजयश जायसवाल, मूर्तिकला के क्षेत्र में प्रेम शंकर प्रसाद, चित्रकला में महनाज बानों, समाज सेवा के क्षेत्र में रत्ना अस्थाना और जुबैर अहमद को नंद किशोर खन्ना स्मृति सम्मान दिया गया। संचालन निधि खन्ना और अध्यक्षता पुष्पा खन्ना ने की।
उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के सहयोग से श्री नंदकिशोर खन्ना फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को शीरोज है
उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के सहयोग से श्री नंदकिशोर खन्ना फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को शीरोज है