यूपी में समाजवादी नाम से चल रही सभी योजनाओं के नाम जल्द ही मुख्यमंत्री नाम से बदला जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में लागू ऐसी सभी योजनाओं जिनमें समाजवादी शब्द का प्रयोग किया गया है उन्हें कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए ताकि उनकी समीक्षा की जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि समाजवादी शब्द की जगह मुख्यमंत्री शब्द का प्रयोग किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह निर्देश हथकरघा, वस्त्रोद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग विभागों के प्रस्तुतिकरण के दौरान दिया।
मुख्यमंत्री ने खादी को प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के लिए नई तकनीक की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने इन विभाग द्वारा लागू की जा रही विभिन्न योजनाओं को केंद्र सरकार के समर्थन से चलाने और प्रदेश व केंद्र की योजनाओं को लिंक करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने टेक्सटाइल पार्क योजना की तारीफ करते हुए कहा कि इसका भरपूर लाभ बुनकरों को पहुंचाया जा सकता है। लेकिन, पहले उन्हें नई तकनीक की जानकारी देते हुए प्रशिक्षित करना होगा।
किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी सरकार
उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा लागू की जा रही योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ प्रदेश की गरीब जनता को कैसे मिले इस दिशा में काम किया जाना चाहिए।
आम जनता को लाभान्वित करने के लिए भारत सरकार की योजनाओं को प्रदेश में ठीक ढंग से लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक योजना में लाभार्थियों की पात्रता के साथ कोई समझौता न किया जाए।
योगी ने खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग का प्रस्तुतिकरण देखते हुए अधिकारियों से इस विभाग को आत्मनिर्भर बनाए जाने की दिशा में कार्य करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि खादी को प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के लिए नयी तकनीकी लागू करने की आवश्यकता है। खादी के पीछे महात्मा गांधी की मंशा स्वावलंबन की थी। उन्होंने कहा कि इसके लिए कार्य योजना बनाने की आवश्यकता है।
सोलर चरखे विकसित करने का दिया आदेश
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मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी के वस्त्र निर्माण के लिए नई तकनीक के चर्खों का इस्तेमाल आवश्यक है। इसके लिए प्रदेश में मॉडल चरखे और सोलर चरखे वितरित किए जाएं। खादी के उत्पाद काफी महंगे होते हैं, इसलिए उन्हें प्रतिस्पर्धा में बने रहने में कठिनाई होती है।
कहा कि प्रदेश की खादी एवं ग्रामोद्योग की योजनाओं को केंद्र की योजनाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने बंद पड़े कम्बल कारखानों को आधुनिक तकनीकी से चलाने का प्रस्ताव देने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
समाजवादी नाम से चल रही योजनाएं
समाजवादी एंबुलेंस योजना (चुनाव आयोग के निर्देश पर चुनाव के दौरान ही समाजवादी नाम मिटा दिया गया था।)
समाजवादी पेंशन योजना
समाजवादी आवास योजना
समाजवादी स्मार्ट फोन योजना
समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना
समाजवादी नमक योजना
समाजवादी श्रवण यात्रा
समाजवादी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे