बारहवें इमाम मेहंदी की विलादत का आधी रात के बाद से शुरू हुआ जश्न शुक्रवार को भी जारी रहा। जन्मदिवस की खुशी में शिया समुदाय ने कर्बला, इमामबाड़ों और घरों में नज्र का आयोजन किया। नज्र दिलाने व चखने का सिलसिला दिन भर चलता रहा।
हुसैनाबाद ट्रस्ट की ओर से खदरा मदेयगंज स्थित कर्बला मलका आफाक में जश्ने मसर्रत का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने कर्बला पहुंचकर जियारत की और नज्र की। लोगों ने दोस्तों और रिश्तेदारों के घर जाकर इमाम की विलादत की एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।
बजरे की जियारत का चला सिलसिला
मेहंदी घाट पर गोमती नदी पर नावों को जोड़कर सजाए गए बजरे की जियारत के लिए अकीदतमंद शुक्रवार को भी पहुंचते रहे। बजरे पर मिट्टी के कुंडों में तरह-तरह के हलवे पर लोग अपने इमाम की सलामती के लिए नज्र कर रहे थे तो कोई मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार करता रहा। जायरीनों ने बजरे की जियारत की और बेहतर जिंदगी के लिए इमाम से दुआएं मांगी।
नदी में अरीजे डाल मांगी मन्नतें
शिया समुदाय ने शुक्रवार को अरीजे (अर्जी) में मन्नतें लिखकर आटे में लपेटकर दुआ पढ़ी और हजरत इमामे जमाना की खिदमत में गोमती नदी में डाली। अरीजे डालने का सिलसिला बृहस्पतिवार देर रात शुरू हुआ था।