राजधानी लखनऊ के यंगस्टर्स में एक लत बढ़ती जा रही है, जिस पर खुद कोर्ट ने आगे बढ़कर कदम उठाया है।
बच्चों में नशे के लिए इरेजर का केमिकल सूंघने की लत छुड़ाने के लिए हाईकोर्ट के आदेश के बाद शीशियों में इरेजर की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।
अब व्हाइटनर की शीशियों की जगह इरेजर पेन मिलेगा। इसी के साथ एसएसपी ने भी राजधानी में इस पर रोक लगाने की कवायद शुरू कर दी है।
नशे के लिए नेल पॉलिश इरेजर व व्हाइटनर सूंघने वाले बच्चों की बढ़ती संख्या के चलते व्यक्ति विकास केंद्र ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ की जनहित याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इरेजर की शीशियों में बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए थे।
इसी के साथ इस आदेश का पालन कराने के लिए केंद्र व विभिन्न राज्यों की सरकार को आदेश दिया था।
हाईकोर्ट ने दोनों वस्तुओं को बच्चों की पहुंच से दूर करने के लिए इसकी बिक्री वयस्क लोगों को बेचने की सुनिश्चित करने को कहा है।
कंपनियों को हिदायत दी गई कि इरेजर के पेन ऐसे होने चाहिए कि केमिकल सिर्फ जरूरत भर का निकले ताकि इसे कपड़े पर लगाकर सूंघा न जा सके।
व्हाइटनर/ इरेजर सूंघने वाले बच्चों की उत्तर प्रदेश में खासी तादात के चलते लखनऊ की बेस्ट फ्रेंड फाउंडेशन संस्था के गौरव माहेश्वरी ने शासन व पुलिस अफसरों से इस पर कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि स्टेशनरी की बड़ी कंपनियों ने व्हाइटनर के पेन तैयार किए हैं लेकिन व्हाइटनर व डाइल्यूटर का जोड़ा बेचा जा रहा है।
इससे नशे की जरूरत भर डाइल्यूटर आसानी से निकाला जा सकता है और उसे नशे के लिए से इस्तेमाल किया जा सकता है।