आजम की बहन से खाली कराया आलीशान बंगला
राजधानी में नगर निगम प्रशासन ने सोमवार सुबह सपा सांसद आजम खां की बहन निकहत अफलाक को रिवर बैंक कॉलोनी में आवंटित बंगले से बेदखल कर दि
या। निगम ने करीब 15 दिन पहले बंगले का आवंटन निरस्त किया था। मालूम हो कि 13 साल पहले बंगले का आवंटन निकहत को किया गया था। नगर निगम ने ही बैकडोर से अपने खर्च पर इसे संवारा भी था।
मोहलत का समय बीतने के बाद सोमवार सुबह छह बजे ही नगर निगम की टीम दलबल के साथ पहुंची और कानूनी खानापूरी के बाद बंगले का कब्जा ले लिया। सूत्रों ने बताया कि मौके पर एक वकील आए थे, लेकिन माहौल भांप कर लौट गए।
नहीं लगने दी गई कार्रवाई की भनक
नगर निगम प्रशासन ने कार्रवाई को गोपनीय रखा था। इसमें शामिल कई अधिकारियों व कर्मचारियों को भी तब पता चला जब उन्हें मौके पर तलब किया गया। कार्रवाई की कमान अपर नगर आयुक्त अर्चना द्विवेदी को दी गई थी। कर अधीक्षक दिलीप श्रीवास्तव, जोनल अधिकारी दिलीप कुमार-डे भी शामिल रहे। रेंट और प्रवर्तन विभाग की टीम मौके पर मौजूद रहीं।
इस आधार पर निरस्त हुआ था आवंटन
नगर निगम ने यह आधार बनाते हुए आवंटन निरस्त किया था कि जब निकहत अफलाक को बंगला आवंटित हुआ था तब वह किसी सरकारी सेवा में नहीं थी और न ही लखनऊ में कार्यरत थीं। ऐसे में जो आवंटन हुआ, वह गलत था।
यह हुई थी शिकायत
रामपुर निवासी मुस्तफा हुसैन ने जुलाई में मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर मामले की शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि इंदिरा नगर के राजीव नगर स्थित पानी गांव निवासी स्वर्गीय एमएम खान की बेटी निकहत अफलाक को 2004 में फर्जी प्रार्थना पत्र पर रिवर बैंक कॉलोनी में मकान नंबर 10/4 आवंटित किया गया था। इसके बाद जी-1 आवंटित गया। इसे फिर बदलकर भवन संख्या ए-2/1 आवंटित किया गया। ऐसे में गलत तथ्यों के आधार पर किए गए आवंटन को निरस्त किया जाए।
ले लिया कब्जा
नगर आयुक्त अजय द्विवेदी ने बताया कि आवंटन निरस्त होने के बाद 15 दिन का समय बंगला खाली करने के लिए दिया गया था। इसके बाद भी बंगले का कब्जा नहीं लौटाया गया। नगर निगम की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में बंगले का कब्जा ले लिया।