नगर निगम ने अप्रैल से लागू होने वाला नए साल का बजट तैयार कर लिया है। इसमें नए कर का प्रावधान नहीं किया गया और न किसी पुराने टैक्स में बढ़ोतरी की गई है। आर्थिक तंगी से गुजर रहे नगर निगम ने इस बार करीब दो अरब रुपये कम करते हुए 20 अरब का बजट बनाया है। इससे सीधे पार्षदों को झटका लगेगा।
बजट में पुरानी योजनाओं के साथ सदन को एयर कंडीशन बनाने के उस काम को भी शामिल कर दिया गया, जो हो चुका है। नई योजना के तौर पर सिर्फ पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बनने वाले स्मृति उपवन के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बजट को मंजूरी देने के लिए सोमवार को निगम कार्यकारिणी की बैठक है। अभी पार्षद कोटा 95 लाख रुपये है, जिसे नगर निगम चार किश्तों में जारी करता है। नए साल में कोटे की दो किश्तें नगर निगम निधि से और बाकी 14वें वित्त के बजट से जारी की जाएंगे।
इससे उन पार्षदों को झटका लगेगा, जो अपने प्रयास और ऊपरी दबाव से तीन से चार करोड़ के काम सामान्य निधि और 14वें वित्त से करा लेते थे। इसे लेकर बैठक में हंगामे के आसार हैं।
सबके लिए बेहतर है बदलाव : मेयर
पार्षद कोटे में बदलाव को लेकर महापौर संयुक्ता भाटिया का कहना है कि अब हर वार्ड में 14 वें वित्त से भी काम होंगे। बीते साल कई ऐसे वार्ड रहे गए थे, जिनमें एक पैसे का भी काम नहीं हुआ था। इसे लेकर पार्षदों ने विरोध जताया था। बदलाव इसलिए भी करना पड़ा, क्योंकि अभी तक पार्षद कोटे के ज्यादातर काम उधारी पर ही होते थे। इसे लेकर पार्षदों की ही शिकायत रहती थी कि भुगतान न होने से ठेकेदार काम करने को तैयार नहीं है। अब निगम निधि से भी दो किश्तों का काम आसानी से हो जाएगा। पहले बजट में आय अधिक दिखाकर खर्च अधिक कर देते हैं और आमदनी उतनी होती नहीं थी। ऐसे में इस बार गृहकर सहित कई मदों में कमी की गई है। उसी हिसाब से प्रावधान किया गया जितनी आय हो सके।
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...तो 50 लाख के घोटाले की तैयारी
नगर निगम की ओर से जो बजट बनाया गया है उसमें त्रिलोक नाथ हॉल को एयरकंडीशन करने और उसके मरम्मत की योजना भी है। उस पर 50 लाख रुपये खर्च का प्रावधान है। यह तब है जब बीते साल इसे एयर कंडीशन किया जा चुका है। ऐसे में अब फिर से इसे बजट में शामिल किया जाना घोटाला की तैयारी मानी जा रही है। इसे लेकर महापौर ने कहा कि इसे लेकर जवाब तलब किया जाएगा।
नए बजट में शामिल करोड़ों की पुरानी योजनाएं
नए कल्याण मंडपों का निर्माण -1.5 करोड़
नए विद्युत शवदाह गृह का निर्माण - 50 लाख रुपये
वेंडिंग जोन में नागरिक सुविधाएं- 50 लाख रुपये
सड़क निर्माण जांच को मोबाइल लैब- 50 लाख रुपये
अमीनाबाद कॉलेज में स्मार्ट क्लासेज -50 लाख रुपये
अस्थाई रैन बसेरों का निर्माण- 50 लाख रुपये
मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स - 50 लाख रुपये
किस पर कितना होगा खर्च
डीजल-पेट्रोल- 30 करोड़
नाला सफाई- 10 करोड़
मार्ग प्रकाश- 11 करोड़
नई सड़क निर्माण - 05 करोड़
सड़क मरम्मत व नवीनीकरण - 100 करोड़
रोड कटिंग - 10 करोड़
स्वच्छ भारत मिशन पर- 20 करोड़
अमृत व स्मार्ट सिटी मिशन- 400 करोड़
14वां वित्त मद से विकास कार्य-180 करोड़
ठेका सफाई पर- 75 करोड़
यहां से आएगा पैसा
गृहकर से आय - 300 करोड़
विज्ञापन कर से आय- 20 करोड़
कल्याण मंडप के किराये से - 2.50 करोड़
नगर निगम की सम्पत्तियों की बिक्री से- 20 करोड़
केंद्र की अमृत व स्मार्ट सिटी मिशन योजना - 400 करोड़
स्वच्छ भारत मिशन - 20 करोड़
14वां वित्त मद से -180 करोड़
पार्किंग ठेकों से - 15 करोड़
यूजर चार्ज से - 12 करोड़
स्टाम्प शुल्क से - 100 करोड़
रोड कटिंग से- 10 करोड़
एलडीए आवास विकास की योजना टेकओवर से - 20 करोड़
22 करोड़ के घाटे का जलकल विभाग का बजट
जलकल विभाग ने भी बजट तैयार कर लिया है। कार्यकारिणी में पेश करने को जो बजट बनाया गया है वह 352 करोड़ रुपये का है। इसमें आय पक्ष में 330 करोड़ और व्यय पक्ष में 352 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इस तरह 22 करोड़ रुपये घाटे का बजट पेश किया गया है। जलकल के बजट में भी नए कर का प्रावधान नहीं है।