20 दिन से नहीं बदल रहे बल्ब खैराबाद नगरपालिका में जब से संचालन के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है तब से छोटे-छोटे काम लोगों के नहीं हो पा रहे। सुजावलपुर वार्ड मेंबर सालिया परवीन कहती हैं कि वार्ड में 20 दिनों से 10 जगह बल्ब फ्यूज हैं। क्षेत्र में अंधेरा फैला हैं। नगरपालिका जाओ तो कर्मचारी कहते है बिजली का सामान नहीं हैं। क्षेत्र में वॉटर पाइप लाइन में कई जगहों पर लीकेज हैं। वह भी सही नहीं हो रहे हैं। इधर कटरा वार्ड की मेंबर लक्ष्मी गुप्ता का कहना है जनता की शिकायतों का निस्तारण नगरपालिका के पास नहीं है। ईओ हदयानंद उपाध्याय ने बताया नगर क्षेत्र में कार्य कराये जा रहे हैं। जो सामन स्टाक में नहीं है, उसके लिए फाइल आगे बढ़ाई जाएगी।
कर्मचारियों को नहीं मिली सैलरी
नगर पंचायत महोली में तीन सदस्यीय टीम समिति गठित होने के बाद भुगतान को लेकर दिक्कतें आ रही हैं। निर्माण कार्यों के भुगतान के लिए कार्यदाई संस्थाएं नगर पंचायत के चक्कर काट रही हैं जिनका भुगतान नहीं हो पा रहा है। वही नियमित कर्मचारियों को दिसंबर माह से वेतन नहीं मिला है। इस बारे में ईओ दिनेश कुमार ने कोई जानकारी नहीं दी।
नहीं हो रही दाखिल खारिज
नगर पालिका परिषद महमूदाबाद व पैंतेपुर नगर पंचायत में भवनों के दाखिल खारिज नहीं हो पा रहे हैं। वहीं नक्शा पास करवाने के लिए लोग भागदौड़ कर रहे है। ठेकेदारों के भुगतान होने में समस्या उत्पन्न हो गई है। लोग अपने मकान के नक्शा व दाखिल खारिज करवाने के लिए चक्क्रर लगाने पड़ रहे है।
4.50 करोड़ के लटके काम
सीतापुर नगरपालिका के पास केवल दो लाख का बजट शेष है। जबकि अलाव व रैन बसेरा का भुगतान लटक गया है। इसके लिए भागदौड़ कर रहे है। दाखिल खारिज बाधित हो रही है। रमेश ने बताया घर के सामने लगी लाइट खराब हो गई थी नगरपालिका में गए तो पता चला कि स्टॉक में लाइट नहीं है। विकास ने बताया घर के पास लगा हैडपंप खराब है लेकिन सामान न होने के चलते रिबोर नहीं हो पा रहा है। वहीं शहर में 32 सड़के बननी हैं। लालबाग पार्क में पिंक शौचालय का निर्माण होना है। इस पर करीब 4.50 करोड़ रूपये खर्च किए जाने हैं। लेकिन बजट के अभाव में यह काम लटक गए हैं। ईओ वैभव त्रिपाठी ने बताया नीतिगत फैसले नहीं हो पा रहे है। बजट न होने के चलते दिक्कतें आ रही है।
सीतापुर। नगर निकायों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद तमाम दुश्वारियां खड़ी हो गई है। हाल यह है किसी के मोहल्ले में 20 दिन से लाइट खराब है तो किसी का हैंडपंप रिेबोर नहीं हो पा रहा है। दाखिल खारिज व नक्शा पास करवाने के लिए लोग दौड़ रहे है। कोई 15 तो कोई 25 दिन से परेशान है। इससे लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही है। शहर में जहां करीब पांच करोड़ के कार्य लटके पड़े है। वहीं अन्य निकायों में भी करीब छह करोड़ से काम बजट के अभाव में बाधित हैं।
जिले में 11 नगर निकाय हैं जिसमें छह नगरपालिका व पांच नगरपालिका पंचायतें शामिल हैं। इन सभी निकायों का कार्यकाल पूरा हो गया है। यहां पर संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। इस समिति में डीएम अध्यक्ष, एडीएम व संबंधित नगरपालिका के ईओ शामिल हैं। नगरपालिका के खातों का संचालन एडीएम व ईओ की तरफ से किया जाएगा।
इस समय अधिकतर नगर निकायों में बजट का संकट खड़ा हुआ है। वहीं नीतिगत तो फैसले नहीं हो पा रहे हैं। साथ ही जरूरी सामान का संकट खड़ा हो गया है। किसी नगरपालिका में बिजली का सामान का स्टॉक समाप्त हो गया है तो किसी नगरपालिका में हैंडपंप का सामान नहीं है। जब बजट नहीं है तो विकास कार्य कराने वाली संस्थाओं के भुगतान लटक गए है।
हाल यह है महोली सहित कई नगर पंचायतों में कर्मचारियों की सैलरी नहीं निकल पाई है। इससे यहां पर आने वाले लोग भागदौड़ कर रहे हैं। दाखिल खारिज के चक्कर में मकान का स्वामित्व मिलने में दिक्कतें आ रही है। हर्ष ने बताया न्यायालय में दाखिल खारिज लगवाना है लेकिन नगरपालिका से यह नहीं हो पा रही है। इससे मामला लटकता जा रहा है।