गौरीगंज (अमेठी)। लखनऊ-प्रतापगढ़-वाराणसी के 301 किमी लंबे रेल ट्रैक पर जल्द ही 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेनें फर्राटा भर सकेंगी। इसमें बाधा बने अमेठी-प्रतापगढ़-जंघई रेल ट्रैक (87 किमी) का दोहरीकरण कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। ट्रैक दोहरीकरण में धनावंटन बाधा नहीं बने इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 721.72 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी देते हुए 250 करोड़ रुपये आवंटित भी कर दिया गया है।
रेल यात्रियों की यात्रा सुगम हो व उनका समय बचे इसके लिए रेल विभाग हर संभव कोशिश में जुटा है। ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई जा सके इस कवायद के तहत कई अन्य रेल ट्रैक के साथ लखनऊ-वाराणसी वाया अमेठी-प्रतापगढ़ रेल ट्रैक का दोहरीकरण किया जा रहा है। पहले चरण में उतेरिटया से रायबरेली व जंघई से वाराणसी के बीच रेल ट्रैक का दोहरीकरण हुआ। दूसरे चरण में रायबरेली से अमेठी तथा तीसरे चरण में अमेठी से जंघई (87) के बीच ट्रैक दोहरीकरण का काम पूरा होना है।
रायबरेली-उतेरिटया के बीच दोहरीकरण का कार्य पूरा होने के बाद अमेठी से गौरीगंज के बीच ट्रैक दोहरीकरण का कार्य पांच मार्च 2020 को पूरा हुआ। गौरीगंज-जायस के बीच ट्रैक दोहरीकरण का कार्य 13 अक्तूबर 2020 को तथा जायस-फुरसतगंज-रूपामऊ-रायबरेली के ट्रैक दोहकरीकरण का काम 26 जुलाई 2021 को पूरा हुआ। फिर अलग-अलग तिथियों में अमेठी से लखनऊ के बीच ट्रेनों का ट्रायल व संचालन भी शुरू हुआ।
अमेठी-लखनऊ के बीच दोहरीकरण पूरा होने के बाद विभाग अमेठी से जंघई (87 किलोमीटर) ट्रैक के दोहरीकरण का काम चल रहा है। अमेठी-मिसरौली-अंतू के बीच दोहरीकरण कार्य पूरा होने के बाद तीन अप्रैल 2022 को रंल संरक्षा आयुक्त की ओर से ट्रायल के बाद दोहरीकरण ट्रैक पर ट्रेन का संचालन भी हो रहा है। अंतू से प्रतापगढ़ के बीच दोहरीकरण कार्य तेजी से चल रहा है। उम्मीद है मार्च 2023 तक अंतू से प्रतापगढ़ के बीच दोहरीकरण कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा।
अमेठी से जंघई के बीच ट्रैक दोहरीकरण का कार्य जल्द पूरा हो सके इसके लिए एक फरवरी को प्रस्तुत केंद्रीय बजट में 721.72 करोड़ रुपये की मंजूरी देने के साथ ही 250 करोड़ रुपये आवंटित कर दिया गया है। धन की व्यवस्था होने के बाद माना जा रहा है कि प्रतापगढ़-जंघई के बीच ट्रैक दोहरीकरण का यह कार्य दिसंबर 2023 तक पूरा हो जाएगा। बजट के बाद डीआरएम कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में इसकी पुष्टि की गई है।
रफ्तार भर सकेंगी 29 जोड़ा ट्रेनें
रेल ट्रैक के दोहरीकरण होने से ट्रैक पर संचालित 29 जोड़ा एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों को गति मिलेगी। इतना ही नहीं, मालगाड़ी ट्रेनों के परिचालन में इजाफा होगा। ट्रेन परिचालन को गति मिलने से विभाग को आय में बढ़ेगी। यात्री कम समय में अधिक दूरी की यात्रा तय कर सकेंगे।