रमजान के चौथे रोजे में रोजेदारों ने लखनऊ की हेल्पलाइन का सहारा लेकर अपनी-अपनी शंकाए दूर की। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया की हेल्पलाइन पर ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने रोजेदारों के सवालों के जवाब दिए।
वहीं, अयातुल्लाह सादिक हुसैनी शिराजी हेल्पलाइन पर मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने रोजेदारों की शंकाओं को दूर किया।
सुन्नी हेल्पलाइन पर मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली की अध्यक्षता में अन्य उलेमा का पैनल शाम 4 बजे तक सवालों के जवाब देता है।
रोजे से संबंधित किसी भी सवाल के जवाब हेल्पलाइन नम्बर- 9415023970, 9335929670, 9415102947, 7007705774, 9140427677 के अलावा वेब साइट: www.farangimahal.in और ई-मेल : ramzanhelpline2005@gmail.com पर सवाल पूछ सकते है।
सुन्नी हेल्पलाइन पर पूछे गए सवाल
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सवाल:1 क्या कजा रोजे में रात से ही नियत करना जरूरी है या सुबह होने के बाद भी कर सकते हैं?
जवाब:1 कजा रोजे में रात से ही नियत करना जरूरी है। सुबह होने के बाद नियत की तो कजा नही हुई बल्कि वह रोजा नफि ल हो गया। कजा का रोजा फिर रखे।
सवाल:2 क्या गर्मी की वजह से रोजे की हालत में भीगा कपड़ा पहनना या तीन चार बार नहाने से रोजे में कुछ फ र्क आता है या नही?
जवाब:2 इससे रोजे में कोई फ र्क नहीं आता।
सवाल:3 एक शख्स ने सहरी में इतना खा लिया कि सुबह के बाद भी डकारें आती रही और उसके साथ पानी भी आता रहा, तो क्या उसका रोजा हो जाएगा?
जवाब:3 जी हां, रोजा हो जाएगा लेकिन मकरुह है।
सवाल:4 कोई शख्स इशा (फ र्ज, सुन्नत और वित्र) की नमाज पढ़ चुका है फिर एक जगह जमात होते देखी तो उसमें शामिल हो गया अब सुन्नत या वित्र पढ़े या नही?
जवाब:4 सुन्नत और वित्र न पढ़े। इसलिए कि वह पहले अदा कर चुका है और यह नमाजें नफिल में शुमार की जाएगी।
सवाल:5 दुआ के खत्म होने पर कुछ लोग अपना हाथ चेहरे पर फेरते हैं। चेहरे पर हाथ फेरने की क्या वजह है?
जवाब:5 दुआ के खत्म होने पर मुंह पर हाथ फेरना सही है और ऐसा बरकत हासिल करने के लिए किया जाता है।
शिया हेल्पलाइन पर पूछे गए सवाल
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दूसरी ओर अयातुल्लाह सादिक हुसैनी शिराजी हेल्पलाइन पर मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने रोजेदारों की शंकाओं को दूर किया।
उन्होंने बताया कि रमजान के पूरे रोजे की नीयत एक साथ की जा सकती है। हेल्पलाइन नम्बर- 9415580936, 9839097407, 9335280700 पर शिया समुदाय के रोज़ेदार सुबह 10 बजे से दो बजे तक फोन पर रोजे से सम्बन्धित आशंकाओं को दूर सकते है। हेल्पलाइन पर मौलाना सैफ अब्बास नकवी सवालों के जवाब देंगे। इसके अलावा पर masael786@gmail.com पर ई-मेल करके भी रोजेदार अपनी शंकाएं दूर कर सकते हैं।
क्या रोजे में लगा सकते हैं मेहंदी और खिजाब
डेमो पिक
प्रश्न: क्या रोजेदार महिला ब्यूटी पार्लर में जाकर मेकअप करवा सकती है?
उत्तर: अगर पार्लर में सिर्फ महिला हैं तो मेकअप करवाया जा सकता है, रोजा सही होगा।
अगर कोई रोजेदार बगैर इजाजत किसी व्यक्ति का इंटरनेट प्रयोग करता है तो रोजा टूट जाएगा?
उत्तर: बगैर इजाजत के इंटरनेट प्रयोग करना हराम काम होगा, लेकिन अगर इंटरनेट के मालिक से ये उम्मीद है कि वह खुश रहेगा तो प्रयोग करना हराम नही है, लेकिन रोजा हर हाल में सही होगा टूटेगा नहीं।
प्रश्न: रमजान में कुरान पढ़ना सही होगा?
उत्तर: कुरान पढ़ने में बहुत सवाब है और रमजान में सवाब बढ़ जाता है।
प्रश्न: क्या रोजे की हालत में मेहंदी और खिजाब लगाया जा सकता है?
उत्तर: रोजा की हालत में खिजाब और मेहंदी लगाई जा सकती है।
प्रश्न: रोजा कितने मसाफ त पर कस्र होगा?
उत्तर: अगर कोई व्यक्ति शहर से 24 किलोमीटर आगे चला जाता है तो रोजा कस्र होगा वह रोजा नहीं रख सकता है।