मुजफ्फरनगर जिले के एसएसपी अनंत देव ने मुस्लिमों को लिखे पत्र में होली के दौरान बच्चे या बड़ों की नासमझी को नजरअंदाज करने की अपील की है। उन्होंने लिख है कि ‘भाइयो आप सब उम्मत के फर्द हैं जिसके किरदार का हुस्न-ए-एखलाक (मधुर व्यवहार) देखकर पत्थर दिल पिघल गया। इसलिए आप सब सुन्नते रसूल को याद करके कभी भी आग को आग से बुझाने की कोशिश न करें।
आग बुझाने के लिए पानी की जरूरत होती है। अक्ल और होश का दामन मत छोड़ना वरना शैतान का फितना (नकारात्मक मंसूबा) काम कर जाएगा। अगर किसी बच्चे या बड़े से नासमझी हो जाए तो सब्र और धीरज से काम लेकर होली के शुभ अवसर पर जिले में अमन कायम रखेंगे। आपका बहुत-बहुत धन्यवाद होगा। आपका शुभचिंतक अनंत देव’। इस पत्र को लेकर प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं जिनमें एसएसपी के प्रयास को सराहा जा रहा है।
बुलंदशहर और आजमगढ़ में भी आजमा चुके हैं यह तरीका
अनन्त देव ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि सहनशीलता की यह घटना आजमगढ़ में पोस्टिंग के दौरान एक मुस्लिम मित्र ने बताई थी। जिसके बाद उन्होंने पहले आजमगढ़ में और फिर बुलंदशहर में इसे आजमाया। दोनों ही जगह इसका अच्छा रेस्पांस मिला। अनन्त देव का कहना है कि इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। उन्होंने बताया कि इसी तरह हिंदुओं से भी अपील की गई है कि वह कीचड़ और मिट्टी की होली न खेलें। रंगों का त्यौहार है, रंग के साथ मिल जुल कर मनाएं। अनन्त देव ने बताया कि अगर इसे पूरे प्रदेश के लोगों को भेजा जाए तो इसका पूरे प्रदेश में साकारात्मक असर दिखेगा।
उधर, अलीगढ़ के एसएसपी राजेश पांडेय ने किसी तरह के टकराव से बचने के लिए दोनों पक्षों से अपील की है। उन्होंने हिंदुओं से अपील की है कि वे समय से थोड़ा पहले ही रंग खेलना बंद कर दें। वहीं, मुस्लिमों से अपील की है मस्जिदों में होने वाली नमाज का समय थोड़ा आगे बढ़ा दिया जाए जिससे किसी तरह का कोई टकराव न होने पाए।
12 कंपनी केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की मांग
प्रदेश में होली पर शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए डीजीपी मुख्यालय ने गृह विभाग के माध्यम से केंद्र को 12 कंपनी अर्द्धसैनिक बल की मांग भेजी है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि प्रदेश को 8 कंपनी ही उपलब्ध हो सकेंगी। मालूम हो कि प्रदेश के लगभग 35 जिले संवेदनशील घोषित किए गए हैं।