सुप्रीम कोर्ट के मुस्लिम समाज को पांच एकड़ जमीन देने पर बोले कि हिंदुस्तान में मस्जिद की कमी है क्या। जहां मस्जिद है जुम्मे की नमाज वहां पर भी हमारे भाई सड़कों पर अदा कर रहे हैं। नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद की जरूरत नहीं है। घर बैठे भी नमाज अदा की जा सकती है लेकिन वहां पर मौलवी नहीं होगा घर पर आप नमाज अदा करते हैं तो जिसकी दुकान लगी है वह कुछ नहीं कर सकता है।
राममंदिर की लड़ाई लड़ने वाले ट्रस्ट में हों शामिल
राममंदिर ट्रस्ट पर कहा कि जिन लोगों ने राम मंदिर निर्माण की लड़ाई लड़ी है, वह लोग ट्रस्ट में शामिल हों। राम मंदिर की जंग 500 साल की थी। अंग्रेज न आए होते तो अब तक फैसला हो चुका होता। कोई नहीं पूछता कि बाबर कौन है इसको यहां आने का वीजा किसने दिया था। वहीं राम मंदिर के भव्य निर्माण के बाद राम जन्मभूमि के दर्शन पर बोलते हुए कहा कि अगर वीजा मिलता है तो जरूर राम मंदिर का दर्शन करूंगा।