इस मुलाकात में तय किया गया कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान, संभव हुआ तो मार्च में प्रस्तावित कोर्ट की अगली तारीख से पहले एक बड़ी बैठक दोनों धर्मों के प्रमुख प्रतिनिधियों के बीच करवाई जाए। इसका मूल उद्देश्य कोर्ट के बाहर अयोध्या विवाद का समाधान निकालना और मस्जिद शिफ्ट करने पर सहमतिपूर्ण वातावरण तैयार करना है।
शिया वक्फ बोर्ड जता चुका है सहमति
इससे पहले शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी भी अक्तूबर 2017 में श्रीश्री से मिले थे। उस दौरान कहा था कि शिया बोर्ड मंदिर बनाने के पक्ष में है। बातचीत के जरिए जो भी यह काम करना चाहता है, बोर्ड उससे बात करने को तैयार है।