केरल में भयंकर बाढ़ आई हुई है। लाखों लोग बेघर हो गए हैं। हजारों की रोजी-रोटी छिन गई है। सैकड़ों बच्चे घरों में कैद होकर रह गए हैं। ऐसे में हमारा फर्ज है कि उनकी मदद करें। कुर्बानी सिर्फ बकरे की ही नहीं होती है।
त्यौहार का असल मजा, दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाने में भी आता है। लिहाजा हमनें कुर्बानी की रकम बाढ़ पीड़ितों के लिए दान कर दी है। बकरे की कुर्बानी नहीं देंगे और सादगी से त्यौहार मनाएंगे। यह कहना है तहसीनगंज की रहने वाली रफत फातिमा का।
जिन्होंने बकरीद पर कुर्बानी पर खर्च होने वाली रकम केरल के बाढ़ पीड़ितों के लिए दान कर दी है। रफत ने बताया कि रोज टीवी चैनलों पर बाढ़ की विभीषिका देख रही हूं। ऐसे में मन त्यौहार में नहीं लोगों की पीड़ा में लगा हुआ है।
छह हजार रुपये कुर्बानी पर खर्च करने के लिए रखे थे, जिन्हें केरल के मुख्यमंत्री रिलीफ फंड में डोनेट कर दिया है। बकरीद तो मनाऊंगी, लेकिन बहुत सादगी से। सेवइयां पकाई जाएंगी।
बकरे की कुर्बानी तो महज प्रतिबिंब है
पत्नी मरियम के साथ आरिफ, पत्नी और बेटी के साथ असद
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वहीं यूनिटी कॉलेज के पास रहने वाले आरिफ नेगी व असद ने भी कुर्बानी की रकम बाढ़ पीड़ितों को दान कर इंसानियत के पलड़े को भारी कर दिया है। आरिफ नेगी ने बताया कि बकरे की कुर्बानी तो महज प्रतिबिंब है।
असल उद्देश्य मन की तृष्णा और खामियों को मिटाना है। जब इंसानियत रो रही हो, ऐसे में त्यौहार की खुशियां अधूरी सी लगती हैं। वहीं असद ने बताया कि बकरे की कुर्बानी की पांच हजार रुपये की रकम बाढ़ रिलीफ फंड में दे दी है।
एसडीएम को सौंपा चेक
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष अली शाह
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मोहनलालगंज में मंगलवार को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष अली शाह ने बकरीद का त्योहार न मनाते हुए कुर्बानी के दस हजार रुपये का चेक बाढ़ पीढ़ितों के लिए एसडीएम संतोष कुमार सिंह को सौंपा।