लखनऊ। गोमतीनगर सि्थत अंतरराष्ट्रीय बौद्ध अनुसंधान संस्थान में बृहस्पतिवार को संगीत मिलन संस्था की ओर से तीन दिवसीय शास्त्रीय संगीत प्रतियोगिता-क्लासिकल वॉयस ऑफ इंडिया–2025 का आगाज हुआ।
मुख्य अतिथि रामकृष्ण मठ के सचिव स्वामी मुक्तिनाथानंद ने कहा कि सुर-साधना ईश्वर से साक्षात्कार का पवित्र मार्ग है। सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में संगीत मिलन संस्था महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। पहले दिन 27 प्रतिभागियों ने प्रस्तुति दी। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर सहित देशभर से आए प्रतिभागियों ने कार्यक्रम को शानदार बना दिया। मिडिल वर्ग में नेपाल के समुद्र भट्टाराई की राग मल्कौंस, जूनियर वर्ग में श्रेयांशी पाहवा की ध्रुपद शैली और सीनियर वर्ग में अलोलिका कोलाय व बांग्लादेश के शौरिन शेख की प्रस्तुतियों को खूब सराहना मिली।
समारोह में संगीत मिलन के संस्थापक पंडित मिलन देबनाथ, सचिव अरुंधति चौधरी, निर्णायक मंडल के सदस्य प्रो. सौभाग्यवर्धन, उस्ताद वसीम अहमद खान और पंडित शिरीष शाह सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
गोमतीनगर सि्थत अंतरराष्ट्रीय बौद्ध अनुसंधान संस्थान में बृहस्पतिवार को संगीत मिलन संस्था की ओर
गोमतीनगर सि्थत अंतरराष्ट्रीय बौद्ध अनुसंधान संस्थान में बृहस्पतिवार को संगीत मिलन संस्था की ओर
गोमतीनगर सि्थत अंतरराष्ट्रीय बौद्ध अनुसंधान संस्थान में बृहस्पतिवार को संगीत मिलन संस्था की ओर
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गोमतीनगर सि्थत अंतरराष्ट्रीय बौद्ध अनुसंधान संस्थान में बृहस्पतिवार को संगीत मिलन संस्था की ओर
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गोमतीनगर सि्थत अंतरराष्ट्रीय बौद्ध अनुसंधान संस्थान में बृहस्पतिवार को संगीत मिलन संस्था की ओर
गोमतीनगर सि्थत अंतरराष्ट्रीय बौद्ध अनुसंधान संस्थान में बृहस्पतिवार को संगीत मिलन संस्था की ओर