मलिहाबाद। रहीमाबाद के सहजनवा गांव निवासी अंजली सिंह (30) की हत्या उनके पति उमेंद्र प्रताप सिंह ने प्रेम प्रसंग में बाधा बनने के कारण गला दबाकर हत्या की थी। इसके बाद उसने साथियों की मदद से शव इटौंजा के बसहरी-लासा पुल के नीचे गोमती नदी में फेंक दिया। आरोपी ने पूछताछ में यह बात कबूल की है। अंजली के भाई पुष्पेंद्र सिंह की तहरीर पर पति उमेंद्र, उसकी प्रेमिका, चाचा उमेश सिंह, सास गायत्री, ड्राइवर सुजीत चौरसिया, कपिल पर हत्या करके साक्ष्य छुपाने की एफआईआर दर्ज की गई है। प्रेमिका कोे छोड़कर सभी आरोपी हिरासत में हैं।
उन्नाव के दही सोनिक कस्बा निवासी पुष्पेंद्र सिंह के अनुसार, अंजली का विवाह 16 नवंबर 2016 को हुआ था। दोनों का सात वर्षीय बेटा पीयूष है। एक माह पहले अंजली ने पति को एक महिला से चैट करते देखा था। उसने महिला के साथ पति की आपत्तिजनक तस्वीरें भी अपने मोबाइल में ले ली थीं। अंजली ने यह बात मायके वालों को भी बताई थी। इस पर उमेंद्र ने अंजली को पीटा था, जिससे उसे गंभीर चोटें आई थीं। इसके बाद अंजली मायके आ गई थी। कुछ दिन पहले उमेंद्र उसे वापस घर ले गया था। बृहस्पतिवार की रात अंजली को रास्ते से हटाने के लिए उसकी गला दबाकर हत्या की गई।
पति ने लिखाई थी गुमशुदगी
पुष्पेंद्र ने बताया कि शुक्रवार को तड़के चार बजे उमेंद्र ने अंजली के गायब होने की सूचना दी थी। उसने गुमशुदगी दर्ज कराई। वह परिजनों और पुलिस को गुमराह करने के लिए पत्नी को खोजने का नाटक करता रहा।
आरोपी के हाथ पर थे नाखूनों के निशान और गाड़ी में खून के धब्बे
इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि उमेंद्र के हाथ और शरीर पर नाखूनों के निशान और कार में खून के धब्बे मिले थे। कार से पुलिस को कुछ बाल भी मिले। इसके बाद पुलिस को उस पर शक हो गया। पूछताछ की गई तो पहले उसने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया पर बात में उसने पत्नी की हत्या करने की बात कबूल ली। नामजद पांच आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। घटना में इस्तेमाल कार बरामद की गई है। आरोपी उमेंद्र की प्रेमिका के बारे में पता किया जा रहा है।