महिला की गोली मारकर हत्या, पुलिस को देखकर भागने लगा बेटा, दौड़ाकर दबोचा गया
गुडंबा के गढ़ी इलाके में शुक्रवार देर रात 45 वर्षीय प्रेमा यादव की सिर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात की सूचना पर इंस्पेक्टर रीतेंद्र प्रताप सिंह फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे तो प्रेमा का बेटा देवेंद्र मौके से भागने लगा।
पुलिस ने उसे संदिग्ध मानते हुए दबोच लिया। इंस्पेक्टर का कहना है कि देवेंद्र शराब का लती है और अक्सर शराब पीकर परिवारीजनों से झगड़ा व मारपीट करता है। परिवारीजनों का कहना है कि शुक्रवार रात भी उसका मां से झगड़ा हुआ था। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।
इंस्पेक्टर ने बताया कि वारदात रात करीब 11 बजे हुई। प्रेमा यादव तीन बेटे जितेंद्र, सुवेंद्र और देवेंद्र व चार बेटियों रजनी, लालवती, निशा और सोनी के साथ रहती हैं। उनके पति प्रेम शंकर यादव की पांच साल पहले गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
प्रेमा का बेटा देवेंद्र शराब का लती है। शुक्रवार शाम वह शराब के नशे में धुत होकर घर आया। प्रेमा ने उसे टोका तो वह झगड़ा करने लगा। उसने गाली-गलौज की। विरोध पर मां को पीट दिया।
नशे की हालत में उसने प्रेमा के सिर पर तमंचा सटाकर गोली चला दी। गोली आरपार हो गई। प्रेमा चीखते हुए जमीन पर गिर पड़ीं। परिवारीजनों में कोहराम मच गया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची तो देवेंद्र भागने लगा। पुलिस ने उसे दौड़ाकर दबोच लिया।
हालांकि, देवेंद्र की बहन लालवती के मुताबिक वह घर पर ही नहीं था। उसने बताया कि रात को वह मकान की पहली मंजिल पर खाना पका रही थी जबकि बाकी बहनें छत पर लेटी थीं। उसने बताया कि मां रोटी देने नीचे गई तभी गोली चलने की आवाज आई।
वह नीचे भागी तो मां को खून से लथपथ पड़ा देख होश उड़ गए। उसने बताया कि बड़ा भाई जितेंद्र अपनी बुआ के घर चिनहट गया था। सुवेंद्र घर पर जबकि देवेंद्र खेतों में था। इंस्पेक्टर का कहना है कि देवेंद्र शराब के नशे में धुत होकर रोजाना परिवारीजनों और आसपास के लोगों से झगड़ा व मारपीट करता रहता है।
उस पर स्पोर्ट्स कॉलेज के खिलाड़ी रंगराजन की हत्या का भी आरोप है। पुलिस ने उसे खिलाड़ी की हत्या के मामले में पकड़कर जेल भेजा था। फिलहाल वह जमानत पर बाहर है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।