लखनऊ में हजरतगंज के लक्ष्मण मेला मैदान स्थित सिकंदरनगर इलाके में आठ साल की मासूम अलका की गला दबाकर हत्या कर दी गई। उसका शव घर के अंदर तख्त के नीचे पड़ा मिला। वारदात के वक्त बच्ची के माता-पिता और बड़ा भाई काम पर गए हुए थे। सबसे पहले मृतका की बुआ ने शव को देखा और परिजनों को सूचना दी। बुधवार को पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि होने के बाद परिजनों और परिचितों ने अशोक मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने मुआवजे का आश्वासन देकर प्रदर्शन को शांत कराया और शव का अंतिम संस्कार कराया।
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- फोटो : अमर उजाला
प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज संतोष सिंह ने बताया, मूलरुप से बिहार निवासी रामरेख यादव परिवार के साथ लक्ष्मण मेला मैदान के पास सिकंदर नगर में किराए के मकान में रहता हैं। परिवार में पत्नी हीरा, बेटा आयुष (15), बेटी अलका (8), पिंकी और पीयूष हैं। राम रेख रिक्शा चालक है और उसकी पत्नी हीरा लोगों के घरों में चौका बर्तन करती है। जबकि आयुष एक दुकान में काम करता हैं। मंगलवार को तीनों अपने-अपने काम पर गए थे और घर पर अलका, पिंकी और पीयूष थे। राम रेख की बहन सुनीता उसके घर से कुछ दूरी पर रहती है। मंगलवार दोपहर सुनीता अपने भाई के घर पहुंची तो अलका को तख्त के नीचे बेहोशी की हालत में पड़ा देखा। सुनीता ने इसकी जानकारी भाई रामरेख व भाभी हीरा को दी।
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हत्या
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प्रदर्शन की वजह से लग गया जाम
हत्या के विरोध में बुधवार शाम आक्रोशित परिजनों व परिचितों ने अशोक मार्ग स्थित निशातगंज गोमती पुल पर शव रखकर जाम लगा दिया। शाम 6 बजे के बाद जाम लगने से ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। सूचना पर एसीपी हजरतगंज अभय कुमार मिश्र, इंस्पेक्टर संतोष सिंह समेत कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने जाम खत्म कराया।
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- फोटो : अमर उजाला
चार संदिग्ध हिरासत में
एसीपी हजरतगंज ने बताया, इलाके के चार संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। बच्ची के पोस्टमार्टम में स्लाइड भी बनाई गई हैं। इसके अलावा कई अन्य संदिग्धों पर भी नजर है। परिजनों ने बताया, अनहोनी की आशंका पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस कर्मियों ने कोरोना से मौत की बात कह कर जांच कराने के लिए अस्पताल जाने को कहा। सिविल हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने अलका को मृत घोषित कर दिया। वहीं बच्ची के परिजनों के अनुसार, अलका की बुआ सुनीता पर हजरतगंज पुलिस ने बेवजह सख्ती दिखाई। आरोप लगाया, सुनीता के साथ पुलिस ने मारपीट भी की। परिजनों ने दस लाख रुपये के मुआवजे व हत्यारे को जल्द पकड़ने की गुहार लगाई है।
जल्द होगा खुलासा
बच्ची की पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण गला दबाना आया हैं। इस मामले में जांच की जा रही हैं। इलाके के चार संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही हैं। जल्द ही मामले का खुलासा हो जाएगा। - अभय कुमार मिश्र, एसीपी- हजरतगंज