प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोटिस के अनुसार, 25 जनवरी को वाराणसी के नगवा ड्रेन व अस्सी ड्रेन का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान गंदा पानी सीधे गंगा नदी में निस्तारित होते पाया गया। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के प्रतिनिधि ने बताया कि 13 नवंबर 2022 से पाइप लाइन से लीकेज होने के कारण पंपिग कार्य बंद कर दिया गया था।
वाराणसी का नगर निगम गंगा में सीधे नाले का गंदा पानी छोड़ रहा है। इस पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उसे नोटिस जारी किया है। इसमें अर्थदंड के साथ अभियोजन की कार्रवाई प्रारंभ करने की बात कही गई है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोटिस के अनुसार, 25 जनवरी को वाराणसी के नगवा ड्रेन व अस्सी ड्रेन का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान गंदा पानी सीधे गंगा नदी में निस्तारित होते पाया गया। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के प्रतिनिधि ने बताया कि 13 नवंबर 2022 से पाइप लाइन से लीकेज होने के कारण पंपिग कार्य बंद कर दिया गया था।
रमना स्थित एसटीपी का संचालन बंद है। बोर्ड ने नोटिस में कहा है कि क्यों न जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 यथा संशोधित की धारा-43 के अंतर्गत अभियोजन की कार्यवाही प्रारंभ कर दी जाए। 13 नवंबर से सुधार किए जाने तक प्रतिदिन 37500 रुपये की दर से पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई जाए।