बैठक करते कर्मचारी और नगर निगम अधिकारी।
लखनऊ। नगर निगम प्रशासन जल्द ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नत कर बाबू बनाएगा। इसके लिए पात्र कर्मचारियों को टाइपिंग की परीक्षा पास करनी होगी। यह सहमति सोमवार को नगर निगम कर्मचारी संघ और नगर निगम प्रशासन की बीच हुई लंबित मांगों को लेकर हुई बैठक में बनी है। इस समय निगम में 50 से अधिक बाबुओं के पद खाली हैं।
नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष आनंद वर्मा और महामंत्री शमील एखलाक ने बताया कि कर्मचारियों की लंबित 30 सूत्री मांगों पर अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव के साथ बैठक हुई है। इसमें जिन प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी है, उनमें लिपिकों के रिक्त पदों पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति की जाएगी। इसके साथ ही द्वितीय श्रेणी लिपिक से प्रथम श्रेणी लिपिक, क्लीनर से ड्राइवर, माली से प्रधान माली और सहायक अध्यापिका से मुख्य अध्यापिका पदों पर भी शीघ्र पदोन्नति की बात हुई है। निलंबित कर्मचारियों की बहाली और वर्ष 2013 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को सामूहिक बीमा का लाभ देने पर भी सहमति बनी।
एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के भविष्य निधि की धनराशि के भुगतान के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। इस पत्र की पैरवी के लिए लेखा विभाग के एक अधिकारी को नामित किया जाएगा। बीमार और महिला कर्मचारियों को उनके घर के निकट स्थानांतरण देने पर भी सहमति बनी। कर्मचारियों की व्यक्तिगत पत्रावलियों का सेवाकाल में ही परीक्षण कराया जाएगा। मृतक आश्रितों के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण होगा। छुट्टी के दिन काम करने पर प्रतिकर अवकाश देने पर भी सहमति बनी। बैठक में कर्मचारी संघ के रामचंद्र यादव, सुखदेव यादव, मंत्री विजय लक्ष्मी, यश विजय प्रकाश गुप्ता और अर्जुन यादव प्रमुख रूप से शामिल रहे।
बैठक करते कर्मचारी और नगर निगम अधिकारी।