नगर निकायों में भी अब अधिशासी अधिकारियों के अलावा समूह ख और ग संवर्ग के सभी कर्मचारियों के तबादले मेरिट के आधार पर ऑनलाइन किए जाएंगे। इसमें गंभीर और असाध्य रोग से पीड़ित कर्मियों को वरीयता मिलेगी। इसके लिए सभी कार्मिकों की 100 अंकों की ‘की परफारमेंस इंडेक्स’ (केपीआई) तय की गई है। इस संबंध में नगर विकास विभाग ने सभी नगर आयुक्तों और अधिशासी अधिकारियों को निर्देश भेज दिए हैं, जबकि स्थानीय निकाय निदेशालय ने सभी निकायों से नई प्रक्रिया के बारे में सुझाव व आपत्तियां मांगी हैं। इसके बाद इस व्यवस्था को आगामी सत्र से लागू किया जाएगा।
इन्हें मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था के तहत अधिशासी अधिकारियों के अलावा मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, कर निर्धारण अधिकारी, कर अधीक्षक, राजस्व निरीक्षक, सहायक लेखाकार, लेखाकार, सहायक लेखाधिकारी, अवर अभियंता (सिविल), सफाई एवं खाद्य निरीक्षक, मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक व जोनल सेनेटरी अधिकारी संवर्ग का तबादला किया जाएगा। असाध्य व गंभीर बीमारी जैसे एचआईवी, एड्स, किडनी, लीवर फेल्योर, हिमोफीलिया व लकवा से पीड़ित कर्मियों को वरीयता दी जाएगी। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा विशेष कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र पाने वालों को भी वरीयता मिलेगी।
राजस्व वसूली के लिए निर्धारित अंक
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, कर निर्धारण अधिकारी, कर अधीक्षक व राजस्व निरीक्षकों के लिए राजस्व वसूली के आधार पर अंक मिलेंगे। मांग के सापेक्ष 50 प्रतिशत वसूली वाले कर्मियों को अंक नहीं मिलेंगे, जबकि 50 से 75 प्रतिशत वसूली वालों को 5 और इससे ऊपर वालों को 10 अंक मिलेंगे।
अवर अभियंताओं के लिए अंक
आईजीआरएस व सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के 50 से 75 प्रतिशत तक निस्तारण पर अवर अभियंताओं को 5 और 75 प्रतिशत से अधिक निस्तारण पर 10 अंक मिलेंगे। राज्य वित्त आयोग, 14वें वित्त आयोग व अवस्थापना निधि से 50 से 75 प्रतिशत तक निर्माण कार्य कराने पर 5 और इससे अधिक पर 10 अंक मिलेंगे। 50 हजार तक मलबा शुल्क वसूली पर 5, 50 हजार से एक लाख पर 10 और एक लाख से अधिक वसूली पर 15 अंक मिलेंगे। अधिशासी अधिकारियों, सफाई व खाद्य निरीक्षक संवर्ग और लेखा संवर्ग के अधिकारियों के कार्यों के मूल्यांकन पर 5 से 10 अंक दिए जाएंगे।