मुनाल महोत्सव के तीसरे दिन मंगलवार को उत्तराखंड की सुप्रसिद्ध लोकगाथा ‘जोत्रमाला’ के नाम रही।
गढ़वाल की इस लोकगाथा में वीरता से ओतप्रोत गीत व अभिनय के माध्यम से नृत्य प्रस्तुत किए गए। निर्देशन हर्षिता विष्ट का रहा।
संगीत नाटक अकादमी में चल रहे उत्तरप्रदेश-उत्तराखंड मुनाल महोत्सव में मंचित ‘जोत्रमाला’ में नरेश सुरेंद्र सिंह नेगी, माता मीना नेगी, राजरानी उर्मिला विष्ट व सखी नीतिका सिंह ने अभिनय व नृत्य किया।
इसके अलावा गढ़वाल का थड़िया चैफला चेतना तिवारी, अंकिता बाजपेयी, गुंजन जोशी ने प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि के रूप में उद्यान विभाग के निदेशक एचसी जोशी व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सविता भट्ट उपस्थित रहीं।
महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रम में जोत्रमाला के अलावा संदेश कला मंच गोपेश्वर के कलाकारों ने हर्ष भंडारी के निर्देशन में गढ़वाल के विभिन्न नृत्य वादी वदिड़, हास्य नृत्य पांडव व जागर को उत्तराखंड के वाद्य यंत्र ढोल दमो पर पेश किया, जिसमें प्रदीप बुटोला, पंकज शाह, बिजेंद्र, पदमा राना, पूजा काला शामिल रहीं।
बुधवार दोपहर 3 बजे से नृत्य व फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता व शाम 6 बजे ओमप्रकाश रावत व साथियों द्वारा भोजपुरी गीतों की प्रस्तुति होगी।