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Lucknow News: राज्य संग्रहालय की पहली मल्टीमीडिया गैलरी में हाथी दांत की छड़ी के साथ दिखेगा 250 साल का अक्स

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गौरी त्रिवेदी
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लखनऊ। पर्यटकों को अवध के प्राचीन इतिहास से परिचित कराने के लिए राज्य संग्रहालय में मौजूद 50 साल पुरानी गैलरी का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। दर्शकों की संख्या में बढ़ाने के उद्देश्य से अवध गैलरी में सन 1860 के पहले की नवाब वाजिद अली शाह की छड़ी, रामायण की अवधी पांडुलिपि, नवाबी दरवाजे, बिदरी का काम, जामदानी आदि ऐतिहासिक व विशेष चीजों को यहां पर प्रदर्शित किया गया है। इसमें अवध के करीब 250 साल का अक्स नजर आएगा।
गैलरी की दीवारों पर मुंबई के विशेष कलाकारों ने अपनी कलाकारी दिखाई है। गैलरी की इंचार्ज मीनाक्षी खेमका ने बताया कि यह 14 सूबों का ऐसा गढ़ था जिस पर कोई विजय नहीं पा सकता था। अवध जिसका वध न किया जा सके, यह बताने के लिए हमने 50 साल पुरानी गैलरी का सौंदर्यीकरण किया है जिसका उद्घाटन एक माह में होने की उम्मीद है। पहले इस गैलरी में चिकनकारी, ताजिया सहित कुछ चीजें थी।
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अब इस नई गैलरी को इस तरह तैयार किया जा रहा है, जो यूपी राज्य संग्रहालय की पहली मल्डीमीडिया गैलरी होगी जिसमें दर्शकों के लिए अवध की रोचक जानकारियां होंगी। मल्टीमीडिया वह माध्यम है जिसके जरिए विभिन्न प्रकार की जानकारियों को विविध प्रकार के माध्यमों जैसे- टेक्स्ट, ऑडियो, ग्राफिक्स, एनीमेशन, वीडियो आदि का संयोजन कर दर्शकों तक पहुंचाया जाता है। उदाहरण के तौर पर यदि कोई दर्शक यहां आए तो वह अप्रत्यक्ष रूप से अवध की सारी जानकारी भी साथ ले जा सके। उन्होंने बताया कि टिकट मूल्य पर शासन विचार करेगा। - संवाद
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यहां मिलेगा वह, जो और कहीं नहीं
मीनाक्षी खेमका ने बताया कि यहां पर बिदरी की कला देखने को मिलेगी जो विशेष रूप से पांच धातुओं को मिला कर तैयार की जाती है। चिकनकारी, ताजिया के साथ यहां पर मलमल के कपड़े पर मलमल के धागे से की जाने वाली लोकप्रिय जामदानी की कलाकारी देखने को मिलेगी। एक दृश्य में नवाबी शान को देखते हुए शतरंज के आसपास दो बेगमों को दिखाया गया है। अलपपंज, शीशे के ग्लास के पार्ट्स, सदियों पुराने दरवाजे भी दर्शकों को लुभाएंगे।
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