राजधानी में पटरी से उतरी यातायात व्यवस्था को ढर्रे पर लाने के लिए कवायद
शुरू हो गई है। इसके तहत सरकारी परिसरों में मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की
तैयारी की जा रही है।
मंडलायुक्त के यहां
बैठक में शामिल विभागों की रिपोर्ट के बाद यह बात सामने आई कि शहर की
सड़कों पर अवैध पार्किंग से जाम की समस्या हो रही है।
इसमें सबसे ज्यादा
परेशानी सरकारी कार्यालय वाले मार्गों पर हो रही है। दरअसल, लोग सड़कों के
किनारे गाड़ियां खड़ाकर काम निपटाने इन कार्यालयों में चले जाते हैं।
ऐसे
में अब उन सरकारी भवनों को चिह्नित कराया जाएगा, जहां आने वाले लोगों के
वाहन सड़क व अन्य स्थानों पर खड़े किए जा रहे हैं।
यह सूची यातायात विभाग
और नगर निगम प्रशासन से तैयार करने के लिए कहा गया है, जिससे सरकारी
विभागों व वहां आने-जाने वाले वाहनों का आंकलन कर मल्टीलेवल पार्किंग बनाए
जाने का खाका तैयार किया जा सके।
जवाहर भवन में 9.5 करोड़ से पार्किंगशहर
की यातायात व्यवस्था पर जवाहर भवन-इंदिरा भवन परिसर के बाहर लाइन से खड़े
होने वाले वाहन खासा असर डालते हैं। इससे निदान के लिए जवाहर-इंदिरा भवन
कर्मचारी संघ ने परिसर में आधुनिक मल्टीलेवल पार्किंग कॉम्प्लेक्स बनवाने
की पहल की है।
महासंघ की मांग पर राज्य संपत्ति विभाग ने 9.5 करोड़ की लागत
से पार्किंग बनवाने की कवायद शुरू कर दी है। फिलहाल वित्त विभाग से
स्वीकृति के बाद आधुनिक पार्किंग बनेगी।
ऑफिसों में वाहन खड़ा करने का ठौर नहीं आमतौर
पर सरकारी दफ्तरों वाले भवनों के परिसर की पार्किंग में विभागीय
कर्मचारियों के वाहन नहीं खड़े हो पा रहे हैं। इससे कर्मचारी व अधिकारियों
के वाहन भी सड़क पर इधर-उधर खड़े किए जाते हैं। यह समस्या सबसे ज्यादा
हजरतगंज, अशोक मार्ग, सप्रू मार्ग, लालबाग, कैसरबाग क्षेत्र में सामने आ
रही है।