सहारनपुर में सपा की देश बचाओ-देश बनाओ रैली में मुस्लिमों को रिझाने की कोशिशें करने के बाद सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव कुछ ऐसा बोल गए, जिसकी सफाई देते हुए सपा के पसीने छूट सकते हैं।
मुलायम बड़ी-बड़ी बातें कर ही रहे थे कि उनके मुंह से निकल गया, 'जहां तक रोजगार की बात है, हम भले ही रोजगार नहीं दे पा रहे पर बेरोजगारी भत्ता तो दे रहे हैं।'
हालांकि, जैसे ही मुलायम के मुंह से ये बात निकली, पीछे मंच पर बैठे अखिलेश ने उनसे चुपके से कुछ कहा और मुलायम ने बात बदल दी।
मुलायम ने रैली में मौजूद नौजवानों से कहा कि किसी दूसरे धर्म के लोगों से कितनी भी खटास क्यों न हो जाए, पर अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना।
मुलायम ने एक बार फिर कहा कि युवाओं में देशभक्ति की भावना कम होती जा रही है, जो चिंता की बात है।
मोदी से पूछे फिर वही सवाल?
पूरे देश की नजरें मुलायम की सहारनपुर रैली पर नजर टिकी थी। सबको उम्मीद थी कि यहां मोदी की मेरठ रैली का जवाब अलग अंदाज में दिया जाएगा।
लेकिन, मुलायम मानो मोदी फैक्टर को ही भूल गए। शुरुआती करीब 40 मिनट के भाषण में मुलायम ने मोदी पर एक शब्द भी नहीं बोला।
मोदी की बात आई भी तो उन्होंने वही पुराने सवाल पूछ लिए, जो वे गोंडा की रैली से पूछते चले आ रहे हैं।
मुलायम बोले, 'मोदी साहब बताइए जरा, क्या गुजरात में पढ़ाई और दवाई मुफ्त है? क्या गुजरात में किसानों का कर्ज माफ हुआ? क्या वहां ऐसा कोई कानून है कि किसान की जमीन पर कितना भी कर्ज क्यों न हो, उसकी जमीन नीलाम नहीं हो सकती?'
मुलायम ने भाजपा पर सरदारों की जमीन हथियाने का भी आरोप लगाया और फिर मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि मोदीजी सरदारों को ज्यादा परेशान मत कीजिए।
मुलायम ने मोदी को चेतावनी देते हुए कहा कि सिखों की जमीन पर कब्जा मत कीजिए। क्योंकि सिखों की कौम ऐसी है जो, शहीद होना जाती है। लड़ाई लड़ना जानती है।
अखिलेश और आजम को दी नसीहत
मुलायम ने कहा कि इतने महान क्रांतिकारी के नाम पर बने इस मेडिकल कॉलेज के खुलने के बाद अखिलेश और आजम की जिम्मेदारी बढ़ गई है।
मुलायम ने रामपुर में बन रही जौहर यूनिवर्सिटी के लिए अखिलेश से आर्थिक मदद करने को कहा। उन्होंने कहा कि अखिलेश, आपको दिल खोलकर मदद करनी चाहिए। आजम कब तक करेंगे।
अखिलेश को बताते हुए कहा कि मैंने ये काम डेढ़ साल में किया है, आपकी सरकार को दो साल हो गए हैं। वक्त किसी का इंतजार नहीं करता है। कुछ कीजिए।
मुलायम ने अपने मंत्रियों, नेताओं पर बरसते हुए कहा कि यहां नेताओं और मंत्रियों को ही पता नहीं है कि यूपी में सिंचाई योग्य कितनी जमीन है। उन्होंने तमाम योजनाओं के लिए आजम और अखिलेश की भी क्लास ली।
मंच पर ही अखिलेश से मेडिकल कॉलेज में मुफ्त इलाज के बारे में पूछा और जवाब न मिलने पर कहा कि अगर सैफई में मुफ्त इलाज है, तो यहां भी होना चाहिए।
नेताजी! किसे समझा रहे हैं चीन
मुलायम ने यूपी के लिए भले ही कुछ भी किया हो, लेकिन अब उनके राजनीतिक जीवन की यादें ही उनकी बातों में झलकने लगी हैं।
मुलायम की सहारनपुर रैली में ऐसा ही देखने को भी मिला। मुलायम ये भूल गए कि सामने बैठी लाखों की भीड़ को चीन और सीमा की कितनी बातें समझ आएंगी, लेकिन उन्होंने अपने अनुभवनों की बात शुरू की तो उस पर ही बोलते रहे।
मुलायम ने चीन के इतिहास को ही धोखेबाजी से भरा करार देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को नसीहत दे डाली। उन्होंने कहा कि जिसको डर नहीं है, वो देश आगे है। जिसे डर है, वो देश पीछे है।
सीमा पर तैनात फौजियों की हालत पर चिंता व्यक्त करते हुए मुलायम ने कहा कि एलओसी पर बड़े-बड़े मंत्री जाकर चीन की चापलूसी करने लगते हैं। उन्होंने चेताया कि चीन कभी भी गलत हरकत कर सकता है।
लेकिन, फेंकना नहीं भूले मुस्लिम कार्ड
मुलायम ने पूरे भाषण में तमाम तरह की बातें कीं। अपने मंत्रियों और नेताओं को समझाया और मोदी की बुराई भी की। मनमोहन की तारीफ भी और केंद्र सरकार में ताकतवर दल के रूप में उभरने के अपने ख्वाब को भी दोहराया।
हालांकि, हमेशा की तरह वह एक बात नहीं भूले। मंच पर चढ़ते ही आजम खां और मौलाना मकसूद हसन को धन्यवाद देने के साथ मुलायम ने सभी नेताओं का स्वागत किया।
फिर, चीन की सीमा पर काफी देर भटकने के बाद भी वह मुस्लिम कार्ड खेलना नहीं भूले।
उन्होंने कहा कि आज हमने मुस्लिम क्रांतिकारी के नाम पर मेडिकल कॉलेज शुरू किया है। यहां हर तरह का इलाज होगा। मुफ्त जांच की सुविधा भी होगी और अगर केंद्र सरकार में हमारी भागीदारी मजबूत हुई, तो रोटी और कपड़ा भी सस्ता हो जाएगा।
उन्होंने आजम व अन्य मंत्रियों से कहा यह ध्यान रखना उनकी जिम्मेदारी है कि लोगों को मुंबई और दिल्ली न भागना पड़े।
ये दर्द ही था, जो छलका?
मुलायम ने अपनी हर रैली से अलग सहारनपुर में एकदम अलग ही बात कह डाली। सहारनपुर के शेखुलहिंद मौलाना महमूद हसन के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज की बात करते हुए अचानक मुलायम उनके किस्से सुनाने लगे।
अचानक मुलायम बोले, हिंदुस्तान विचित्र देश्ा है। यहां जिंदा रहते लोगों की अहमियत नहीं होती। मरने के बाद लोगों की पूजा की जाती है।
ये मुलायम का दर्द था या फिर चाल, अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मुलायम बोले अगर यहां जिंदा रहते ध्यान दिया जाने लगे, पूजा होने लगे तो ये देश दुनिया में सबसे आगे होगा।
मुलायम ने आजम खां के रामपुर में बनी मौलाना जौहर के नाम पर यूनविर्सिटी की भी खूब तारीफ की।