सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कहा कि राजनीतिक लोगों पर बदले की भावना से कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन पर मुकदमे नहीं चलने चाहिए। सियासी लोग जेल जाएंगे तो राजनीति कैसे होगी? उन्होंने रहस्योद्घाटन करने के लहजे में कहा, मैं रक्षा मंत्री था तो बोफोर्स तोप की फाइल गायब करा दी थी।
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मुलायम बुधवार को यहां डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के 10वें स्थापना दिवस पर सम्मान समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री रहते उन्होंने जम्मू-कश्मीर के दुर्गम क्षेत्रों में सेना के हालात देखे हैं, वहां रात गुजारी है। बोफोर्स तोप को लेकर राजीव गांधी पर बहुत आरोप लगे। हमने इस तोप को चलते देखा है, इसने सीमावर्ती क्षेत्रों में अच्छा काम किया है।
हमने रक्षा मंत्री रहते बोफोर्स तोप के मामले को आगे नहीं बढ़ाया, इसकी फाइल ही गायब करा दी। उन्होंने कहा, राजनीति करना आसान काम नहीं है। आप किसी एमएलए को रात के दो बजे भी उठा सकते हैं लेकिन क्या आईएएस और आईपीएस अधिकारी को रात में दो बजे जगा सकते हैं।
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आईएएस-पीसीएस चाहें तो बदल सकती है देश की तस्वीर
उन्होंने कहा, यदि एमपी, एमएलए, आईएएस और आईपीएस अपने गांव, मोहल्ले का विकास करा दें तो देश की तस्वीर बदल सकती है। हमने सैफई का कितना विकास कराया। अब वहां मेडिकल यूनिवर्सिटी भी बन गई है। वहां के पीजी कॉलेज को हमने 100 करोड़ रुपये दिए थे। वहां सभी विषयों की पढ़ाई होती है, तीन-तीन स्टेडियम हैं।
गुजरात दंगे के बाद इस्तीफा देना चाहते थे अटल
मुलायम ने कहा कि गुजरात में मुसलमानों पर अत्याचार के बाद नरेंद्र मोदी का सबसे ज्यादा विरोध हमने किया था। उन्हें मानवता का हत्यारा तक कहा था। वे भले ही लोगों को मरवा नहीं रहे थे लेकिन मुख्यमंत्री तो वही थे। मुसलमानों पर अत्याचार से आहत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी इस्तीफा देना चाहते थे लेकिन लालकृष्ण आडवाणी ने ऐसा नहीं करने दिया।
मायावती की सोच निगेटिव
मुलायम ने बसपा सुप्रीमो मायावती का नाम लिए बिना कहा कि पिछली बार ऐसी मुख्यमंत्री बनीं जिन्होंने न एक इंच सड़क बनवाई और न ही मरम्मत कराई। वह निगेटिव सोच की मुख्यमंत्री थीं। सपा सरकार ने सड़कों पर बहुत काम किया है। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे 22 महीने में पूरा होने जा रहा है।
इच्छाशक्ति, संकल्प और साहस का मंत्र दिया
मुलायम ने छात्र-छात्राओं से कहा कि जो भी बनना हो उसकी इच्छाशक्ति पैदा करो, संकल्प करके मेहनत से जुट जाओ और साहस के साथ उसे पूरा करो। यहां से जज, आईएएस, आईपीएस अफसर और अच्छे वकील निकलेंगे तो मुझे खुशी होगी।
डॉ. लोहिया ने लड़े थे दो बड़े केस
सपा प्रमुख ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया ने दो मशहूर केस लड़े थे। सरकार ने आबपाशी (सिंचाई शुल्क) बढ़ाया तो इसके खिलाफ डॉ. लोहिया ने प्रदेशव्यापी आंदोलन किया। हम 7वीं क्लास में पढ़ते थे लेकिन जेल चले गए थे। हमें 28 घंटे बाद छोड़ दिया गया लेकिन बाकी लोगों को दो महीने की जेल हुई। पूरे प्रदेश से 3500 लोग जेल में थे।
डॉ. लोहिया ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में उनका केस लड़ा और सभी को रिहा कराया। दूसरा केस उन्होंने जेएनयू दिल्ली के छात्रों की गिरफ्तारी के खिलाफ लड़ा था। रात 9 बजे तक सुनवाई हुई थी। सभी छात्र रिहा कर दिए गए थे। वकील न होते हुए भी डॉ. लोहिया की कानूनी जानकारी को देखते हुए हमने इस विश्वविद्यालय का नाम उनके नाम पर रखा।
हम देते हैं पत्नी को बराबरी का दर्जा, आप भी दीजिए
मुलायम ने छात्रों से कहा कि शादी के बाद अपनी पत्नियों से बराबरी का व्यवहार करें। पत्नी को दबाएंगे तो वह विद्रोह कर देगी। महिलाओं से कहा, वे पति का आदर करें लेकिन अन्याय हो तो विरोध करें।
उन्होंने कहा, हम घर में पत्नी को दबाकर नहीं रखते। अखिलेश की मां की मृत्यु हो गई थी, हमारी दूसरी शादी है। हमारी पत्नी बिना बताए लंदन चली गई थी। फोन पर बोली, वहां घूमना अच्छा लग रहा है। हमने कहा, घूमो। वह 16 दिन लंदन में रहकर चार दिन पहले ही लौटी हैं?
सपा मुखिया ने नाम लिए बिना एआईएमआईएम अध्यक्ष पर निशाना साधा। कहा, राजनीति में कई बार अहसान फरामोशी भी होती है। हैदराबाद के एक सांसद का मेडिकल कॉलेज था। इसके आसपास रक्षा मंत्रालय की जमीन थी।
अधिकारियों ने जमीन देने से इन्कार कर दिया। हमने जैसे-तैसे उन्हें जमीन दी। अब उनका लड़का (असदुद्दीन ओवैसी) सांसद है। वह यूपी में आता है तो हमें गाली देता है, भला-बुरा कहता है।