सपा सुप्रीमो अपने मुख्यमंत्री बेटे अखिलेश यादव पर मुलायम नहीं दिखे। सोमवार को मंच पर ही अखिलेश और शिवपाल के बीच नोक-झोंक व धक्कामुक्की के अगले दिन मुलायम सिंह यादव ने फिर कहा कि अगले सीएम का फैसला 2017 के चुनाव में बहुमत आने के बाद विधायक ही करेंगे।
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हालांकि उन्होंने यह साफ कर दिया कि फिलहाल अखिलेश ही मुख्यमंत्री रहेंगे। शिवपाल सिंह यादव समेत बर्खास्त मंत्रियों पर फैसला भी अखिलेश ही करेंगे।
सीएम चेहरे पर मुलायम का बयान सपा मुख्यालय से बाहर आते ही अखिलेश समर्थकों ने हंगामा कर दिया। इसके चलते मुलायम को वहां से निकलने के लिए थोड़ी देर तक इंतजार करना पड़ा।
मुलायम मंगलवार को मीडिया से मुखातिब हुए तो अटकलें थीं कि वे फिर सब कुछ ठीक होने का संदेश देने आ रहे हैं। बर्खास्त मंत्रियों की कैबिनेट में वापसी का एलान कर सकते हैं। अखिलेश समर्थक बर्खास्त यूथ नेताओं की बहाली की घोषणा भी कर देंगे। पर, ऐसा हुआ नहीं। उन्होंने सिर्फ सपा कार्यकर्ताओं को समाजवादी विचारधारा, सिद्धांतों को ध्यान में रखने की अपील कर अपनी बात पूरी कर दी।
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खुद के मुख्यमंत्री बनने पर ये कहा
अखिलेश की जगह खुद मुख्यमंत्री बनने पर विचार से जुड़े सवाल पर मुलायम ने कहा कि अब दो महीने के लिए क्या विचार करेंगे? अक्तूबर खत्म हो रहा है। दिसंबर-जनवरी में आचार संहिता लागू हो जाएगी। कोई सरकार काम तो कर नहीं पाएगी। सिर्फ तनख्वाह बांटते रहेंगे। मुख्यमंत्री अखिलेश ही रहेंगे। आज मुख्यमंत्री अखिलेश हैं, किसी को कोई आपत्ति है क्या? किसी को आपत्ति नहीं है।
चुनाव में सीएम चेहरे पर...
अखिलेश को 2017 का चुनावी चेहरा बनाने के सवाल पर मुलायम ने फिर दोहराया कि अगला मुख्यमंत्री चुनाव बाद बहुमत आने पर ही तय होगा। सपा लोकतांत्रिक पार्टी है। पहले चुनाव में बहुमत दिलाइये। मुख्यमंत्री का फैसला बहुमत आने के बाद ही होगा।
बर्खास्त मंत्रियों की वापसी पर
शिवपाल सहित बर्खास्त मंत्रियों की वापसी पर मुलायम ने कहा कि यह मुख्यमंत्री पर छोड़ रहा हूं। न तो शिवपाल ने कहा कि मंत्री पद वापस कर दो और न ही मैं कह रहा हूं। यह सीएम पर ही छोड़ रहा हूं।
अखिलेश को झूठा बताने पर
शिवपाल द्वारा अखिलेश को झूठा बताने के सवाल पर मुलायम ने कहा कि यह सवाल क्यों करते हो? पूरा परिवार एक है, पार्टी एक है और हम सब एक हैं।
सीएम के प्रेस कॉन्फ्रेंस में न आने पर
मुलायम ने कहा, उनके बारे में क्या पूछना? अभी तक हमारे पास बैठे थे। पूरा परिवार एक है। कार्यकर्ता एक हैं। देश व प्रदेश की जनता पर भरोसा है। जनता ने जैसा प्यार पहले दिया, भरोसा है वैसा ही सहयोग आगे भी देगी।
अमर सिंह पर
अमर सिंह के उल्लेख पर मुलायम ने कहा कि उनको बीच में क्यों लाते हो? अनावश्यक बात क्यों करते हो? कुछ षड्यंत्रकारी हैं, जिनका कोई आधार नहीं है। आप बाहर के उन लोगों को क्यों लाते हैं। यह षड्यंत्रकारी कौन हैं, इस पर मुलायम ने कहा कि आप ही जानें।
रामगोपाल के आरोप पर
सपा के निष्कासित राज्यसभा सांसद राम गोपाल यादव द्वारा उनके निर्णय पर सवाल उठाने के सवाल पर मुलायम ने दो टूक कहा, ‘उनकी बात का अब मैं कोई महत्व नहीं देता।’
अंदर मुलायम बोले- परिवार और पार्टी एक
पार्टी और परिवार के झगड़े में सपा मुख्यालय अखाड़ा बन गया है। अखिलेश और शिवपाल समर्थकों में मंगलवार को भी शक्ति प्रदर्शन की होड़ दिखी।
अखिलेश समर्थकों ने सपा मुख्यालय पर तो शिवपाल समर्थकों ने मुलायम आवास के बाद जमकर नारेबाजी की। समर्थकों में कई बार भिड़ंत भी हुई। इन्हें रोकने के लिए भारी फोर्स तैनात रही।
जिस समय बाहर हंगामा हो रहा था, सपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुलायम व शिवपाल पार्टी व परिवार में सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहे थे।
रामगोपाल का मुलायम पर निशाना
सपा से निष्कासित राज्यसभा सांसद प्रो. रामगोपाल यादव ने अमर सिंह के बहाने मुलायम सिंह पर सीधा हमला किया। उन्होंने जेल जाने से अमर सिंह द्वारा बचाए जाने के मुलायम के बयान को मूर्खतापूर्ण बताते हुए कहा कि उन्होंने खोटे सिक्के (अमर सिंह) के लिए असली सिक्के (खुद रामगोपाल) को बाहर कर दिया।
अपने निष्कासन पर व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा कि सपा में नेताजी ने उन्हें चिट्ठी-विट्ठी लिखने के लिए रख लिया था, अब किसी और से लिखवा लेंगे।